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पुरी का अनोखा बेड़ी हनुमान मंदिर: जहाँ बजरंगबली बंधे हैं लोहे की बेड़ियों में

By Dec 2, 2025

रामायण काल में जब हनुमान जी माता सीता की खोज में अशोक वाटिका पहुंचे थे, तो रावण उन्हें बांधने में असफल रहा था। लेकिन आज हम आपको ओडिशा के पुरी में स्थित एक ऐसे अनोखे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहाँ हनुमान जी के बेड़ियों में बंधे हुए स्वरूप के दर्शन होते हैं। यह मंदिर, जिसे बेड़ी हनुमान मंदिर या दरिया महावीर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर के पास ही स्थित है और इसकी कथा श्री जगन्नाथ मंदिर से गहराई से जुड़ी हुई है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक बार सभी देवी-देवता, मनुष्य और गंधर्व भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी धाम पधारे थे। इसी क्रम में समुद्र देव की भी भगवान जगन्नाथ के दर्शन की अभिलाषा जगी और वह मंदिर में प्रवेश कर गए। इससे मंदिर और वहां दर्शन कर रहे भक्तों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

तब भगवान जगन्नाथ ने हनुमान जी को पुरी धाम की रक्षा का दायित्व सौंपा और उन्हें समुद्र तट पर तैनात कर दिया। हनुमान जी ने पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। हालांकि, जब भी उन्हें भगवान राम के भजन और कीर्तन सुनाई देते, तो वह अनायास ही उस ओर खिंचे चले जाते थे। इसी का लाभ उठाकर समुद्र देव ने एक बार फिर मंदिर में प्रवेश कर लिया।

इस स्थिति से निपटने के लिए, भगवान जगन्नाथ ने हनुमान जी को लोहे की बेड़ियों से बांध दिया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि हनुमान जी पुरी की रक्षा करते रहें और समुद्र देव मंदिर में प्रवेश न कर सकें। यह महत्वपूर्ण है कि इन बेड़ियों को दंड के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह हनुमान जी के अटूट कर्तव्य, भक्ति और वचनबद्धता के बंधन का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि हनुमान जी अपने वचन पर कितने अटल हैं।

आज यह स्थान बेड़ी हनुमान मंदिर के रूप में विख्यात है और यहां दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। जो भी श्रद्धालु श्री जगन्नाथ मंदिर के दर्शन के लिए पुरी की यात्रा करते हैं, वे इस अनूठे मंदिर के दर्शन करना नहीं भूलते। यह मंदिर भक्तों के बीच गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है।

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