दहेज की मांग पूरी न होने पर दूल्हे ने लौटाई बारात, दुल्हन के परिवार ने किया सड़क जाम
छतरपुर शहर के नौगांव रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में रविवार को एक विवाह समारोह उस वक्त चर्चा का विषय बन गया जब दूल्हे के परिवार ने दहेज की मांग पूरी न होने पर बारात वापस ले जाने का निर्णय लिया। यह घटना दुल्हन के परिवार के लिए बेहद अपमानजनक और दुखद साबित हुई।
जानकारी के अनुसार, टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र के ग्राम हिनौता निवासी भागचंद्र कुशवाहा ने अपनी बेटी नीतू का विवाह छतरपुर के देरी रोड निवासी राजेश कुशवाहा के बेटे गौरव के साथ तय किया था। विवाह की सभी रस्में तय समय पर चल रही थीं। वरमाला के बाद, अचानक दूल्हा गौरव और उसके पिता राजेश कुशवाहा ने दुल्हन के पिता से 10 लाख रुपये नकद दहेज की मांग कर दी।
दुल्हन के पिता भागचंद्र कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए पहले से ही 10 लाख रुपये तय किए थे, जिसमें से वह साढ़े छह लाख रुपये फलदान और अन्य रस्मों में दे चुके थे। शेष राशि और सामान वह विदाई के समय देने वाले थे। लेकिन, शादी के बीचों-बीच अचानक इतनी बड़ी नकद राशि की मांग को पूरा करना उनके लिए संभव नहीं था।
जब भागचंद्र कुशवाहा ने तत्काल इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो दूल्हा पक्ष ने विवाह संपन्न कराने से इनकार कर दिया और बारात लेकर वापस लौट गया। इस अप्रत्याशित घटना से दुल्हन के परिवार में भारी आक्रोश फैल गया। उन्होंने विरोध स्वरूप मैरिज गार्डन के बाहर सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया।
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने वधू पक्ष को शांत कराया और उन्हें वापस उनके गांव भेजा। ओरछा रोड थाना प्रभारी दीपक यादव ने बताया कि वर पक्ष द्वारा दहेज की मांग और बारात वापस ले जाने के संबंध में शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
