डिप्टी स्पीकर की IPS अधिकारी को चेतावनी: सेवा में रहते हुए न करें राजनीतिक बयानबाजी
आंध्र प्रदेश विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के. रघुराम कृष्णम राजू ने एक वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी पीवी सुनील कुमार को सेवा नियमों का उल्लंघन करते हुए राजनीतिक और जातिगत टिप्पणी करने से बचने की कड़ी चेतावनी दी है। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि किसी भी अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी के लिए अपनी सेवा अवधि के दौरान इस तरह के बयान देना सर्वथा अनुचित है।
राजू ने विशेष रूप से आईपीएस अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री के संबंध में की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करना सेवा नियमों और आचार संहिता का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सेवा नियमों से बंधे किसी भी अधिकारी को इस तरह के आचरण में लिप्त नहीं होना चाहिए।
डिप्टी स्पीकर ने इस मामले में केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में दोनों सरकारों को आधिकारिक पत्र लिखेंगे।
इसके अतिरिक्त, के. रघुराम कृष्णम राजू ने यह भी सुझाव दिया कि यदि आईपीएस अधिकारी पीवी सुनील कुमार सार्वजनिक जीवन या राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहते हैं, तो उनके लिए एकमात्र उचित रास्ता अपने पद से इस्तीफा देना है। उन्होंने कहा, “अगर सुनील कुमार राजनीति में शामिल होना चाहते हैं तो वे इस्तीफा दे सकते हैं और फिर सार्वजनिक जीवन में आ सकते हैं।”
यह घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है कि क्या सरकारी सेवा में रहते हुए अधिकारियों को राजनीतिक या विवादास्पद सार्वजनिक बयान देने की अनुमति है, खासकर जब ऐसे बयान उनकी सेवा शर्तों का उल्लंघन करते हों।
