माता वैष्णो देवी यात्रा में बड़ी गिरावट: 24 लाख श्रद्धालु कम, जानें वजहें
कटड़ा: इस वर्ष मां वैष्णो देवी की यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट देखी जा रही है। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष नवंबर माह तक 24 लाख से अधिक श्रद्धालु कम पहुंचे हैं। जारी वर्ष में अब तक 64,14,106 श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 88,91,055 थी।
यह गिरावट कई प्रमुख घटनाओं का परिणाम मानी जा रही है। वर्ष की शुरुआत में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन, अप्रैल में अनंतनाग में हुआ आतंकी हमला, मई में भारत और पाकिस्तान के बीच उपजा तनाव और युद्ध की आशंका, तथा अगस्त में अर्धकुंवारी मंदिर क्षेत्र में हुए भीषण भूस्खलन ने यात्रा को बुरी तरह प्रभावित किया। भूस्खलन की घटना में 34 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी और दो दर्जन से अधिक घायल हुए थे। इस त्रासदी के कारण मां वैष्णो देवी की यात्रा लगभग 22 दिनों तक पूरी तरह से स्थगित करनी पड़ी थी।
इन प्रमुख घटनाओं के अलावा, कटड़ा रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाली अधिकांश ट्रेनों के वर्तमान में स्थगित होने के कारण भी श्रद्धालुओं की संख्या में कमी जारी है। हालांकि, यात्रा वर्तमान में सुचारू रूप से चल रही है और श्रद्धालुओं के लिए हेलीकॉप्टर, बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। श्रद्धालु इन सुविधाओं का लगातार लाभ उठा रहे हैं।
वर्तमान में, प्रतिदिन औसतन 10,000 से 14,000 श्रद्धालु आधार शिविर कटड़ा पहुंच रहे हैं। मौसम भी मां वैष्णो देवी की यात्रा के लिए पूरी तरह अनुकूल बना हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि नव वर्ष के आगमन के साथ ही कटड़ा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का आवागमन सुचारू होने पर यात्रा में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इस गिरावट का सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है, जिससे होटल और परिवहन व्यवसायों को नुकसान हो रहा है। मां वैष्णो देवी की यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है, लेकिन इन बाहरी कारकों ने उनकी संख्या को प्रभावित किया है।
