पंजाब में खेल क्रांति: बजट हजार करोड़, नई नीति से खिलाड़ियों को बुलंदियों पर पहुंचने की आस
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब खेल के क्षेत्र में एक नई क्रांति का गवाह बन रहा है। राज्य सरकार ने खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए न केवल खेल बजट को अभूतपूर्व रूप से 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये कर दिया है, बल्कि एक नई खेल नीति भी लागू की है, जो खिलाड़ियों के लिए सुनहरे अवसर खोल रही है।
2023 में लागू की गई इस नई खेल नीति का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को हर संभव प्रोत्साहन देना है। इसके तहत, खिलाड़ियों को नकद इनाम, सरकारी नौकरियां और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। ओलंपिक में भाग लेने वाले प्रत्येक पंजाबी खिलाड़ी को उनकी तैयारी के लिए 15 लाख रुपये की अग्रिम राशि दी गई है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों से नवाजा है। सात खिलाड़ियों को डीएसपी और चार को पीसीएस अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है, जिनमें हॉकी, क्रिकेट और एथलेटिक्स के खिलाड़ी शामिल हैं।
राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘खेलां वतन पंजाब दियां’ के तीन सफल सत्रों में अब तक पांच लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ी छलांग है। पहले यह संख्या मात्र 20-25 हजार थी। यह आंकड़े पंजाब में खेल के प्रति बढ़ते रुझान और खेल संस्कृति के पुनर्जागरण का स्पष्ट संकेत देते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि आज कई राष्ट्रीय टीमों की कप्तानी पंजाबियों के हाथों में है, जिनमें हरमनप्रीत कौर (महिला क्रिकेट), शुभमन गिल (पुरुष क्रिकेट) और हरमनप्रीत सिंह (पुरुष हॉकी) जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। भारतीय हॉकी टीम में नौ पंजाबी खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व राज्य की मजबूत खेल परंपरा को दर्शाता है।
पुरस्कारों के मामले में भी पंजाब सरकार ने उदारता दिखाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक के लिए 1 करोड़ रुपये, रजत पदक के लिए 75 लाख रुपये और कांस्य पदक के लिए 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। यह घोषणा न केवल खिलाड़ियों के अथक परिश्रम का सम्मान है, बल्कि यह नई पीढ़ी को यह भी प्रेरित करती है कि पंजाब में खेल अब केवल एक जुनून नहीं, बल्कि एक प्रतिष्ठित करियर और एक सम्मानजनक जीवनशैली बन चुका है।
