अमरोहा में कर्मचारियों की मनमानी पर लगेगा निगरानी का ताला
अमरोहा जिले की 576 ग्राम पंचायतों में अब कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी के लिए एक नई प्रणाली लागू की जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत, पंचायत सहायक शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य पंचायत कर्मचारियों की दैनिक हाजिरी दर्ज करेंगे। यह रिपोर्ट प्रतिदिन संबंधित विभाग को भेजी जाएगी, जिससे कर्मचारियों की देर से आने की आदत और मनमानी पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके। मंडलायुक्त के स्पष्ट निर्देशों के बाद यह कदम उठाया जा रहा है।
इस पहल के अंतर्गत, प्रत्येक पंचायत में तीन अलग-अलग उपस्थिति रजिस्टर बनाए जाएंगे। इनमें से एक रजिस्टर विद्यालय के शिक्षकों के लिए, दूसरा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए और तीसरा ग्राम पंचायत के कर्मचारियों के लिए होगा। प्रत्येक रजिस्टर के लिए एक निर्धारित प्रारूप उपलब्ध कराया गया है, जिसे पंचायत सहायक भरेगा और उसकी रिपोर्ट सीधे उपनिदेशक पंचायत कार्यालय को प्रेषित करेगा। यह रिपोर्ट अंततः मंडलायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
जिले में कुल 576 ग्राम पंचायतें हैं, जहाँ अक्सर यह शिकायतें आती रहती हैं कि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते, आंगनबाड़ी केंद्र खुले नहीं रहते, पंचायत सचिवालय बंद रहते हैं और सामुदायिक शौचालयों पर तैनात केयरटेकर भी नदारद रहते हैं। लेखपाल और सचिवों की उपस्थिति भी अनियमित पाई जाती है। इन जनशिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार ने कर्मचारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं।
मंडलायुक्त के निर्देशानुसार, प्रत्येक पंचायत में तीन अलग-अलग हाजिरी रजिस्टर तैयार किए जाएंगे और पंचायत सहायक द्वारा प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज की जाएगी। इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए, मुरादाबाद के डीडी पंचायत ने सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को अवगत कराया है और तत्काल अमल करने के निर्देश दिए हैं। पंचायती राज विभाग ने पंचायत सहायकों को इस नई प्रक्रिया से अवगत करा दिया है और जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। उन्हें हाजिरी दर्ज करने के तरीके के बारे में विस्तृत जानकारी और प्रारूप भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
इन रजिस्टरों में कर्मचारी का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर, कार्यालय आने-जाने का समय, कक्षाओं में उपस्थिति, मिड-डे मील की जानकारी, आंगनबाड़ी में बच्चों की संख्या और पुष्टाहार वितरण का विवरण जैसी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और निरीक्षणकर्ता के हस्ताक्षर भी लिए जाएंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
