रियल एस्टेट कारोबारी मोईन खान के लोन की जांच करेगा आयकर विभाग
आयकर विभाग बहराइच के जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी अब्दुल रहमान खान उर्फ मोईन खान के बैंकों से लिए गए लगभग 20 करोड़ रुपये के लोन की गहराई से जांच करेगा। विभाग को छापेमारी के दौरान मिले महत्वपूर्ण दस्तावेजों और मोईन खान की वाट्सएप चैट से इस मामले के सुराग मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग अब इस बात की पड़ताल करेगा कि लोन के रूप में ली गई इस बड़ी रकम का निवेश कहां और कैसे किया गया। इसके लिए मोईन खान और उसके परिजनों के पिछले कुछ वर्षों के बैंक खातों में हुए सभी तरह के लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है।
आयकर विभाग ने हाल ही में बहराइच में मोईन खान के आवास के साथ-साथ आगरा, मथुरा और बरेली में उसके करीबी कारोबारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि मोईन खान ने कई व्यापारियों से बिना किसी लिखित समझौते के लगभग 35 से 40 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लोन भी लिया था। इस पहलू पर भी गहन छानबीन शुरू कर दी गई है।
इस पूरे मामले में मोईन खान से जुड़े अन्य कारोबारियों की मुश्किलें भी बढ़ने की आशंका है। आयकर विभाग को प्रारंभिक जांच में 40 से 50 करोड़ रुपये की कर चोरी का अंदेशा है। बरामद दस्तावेजों के आधार पर कर चोरी की कुल राशि का सटीक आकलन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, पिछले कुछ वर्षों में खरीदी गई संपत्तियों के वास्तविक मूल्यांकन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है ताकि उनकी सही कीमत का पता लगाया जा सके।
जांच एजेंसियों को यह भी संदेह है कि बहराइच में चल रही एक बड़ी प्लाटिंग परियोजना में भी मोईन खान का पैसा लगा हुआ है। इसके अलावा, आगरा और मथुरा की प्लास्टिक के सामान बनाने वाली फैक्ट्रियों के संचालकों द्वारा भी कर चोरी किए जाने की आशंका जताई जा रही है, जिनकी भी जांच की जा सकती है।
यह भी पता चला है कि बहराइच निवासी मोईन खान का कारोबार पिछले कुछ वर्षों में अप्रत्याशित रूप से काफी तेजी से बढ़ा था। इसी असामान्य वृद्धि के चलते जांच एजेंसियों को उस पर संदेह हुआ और विस्तृत जांच शुरू की गई।
