नवजात को फेंकने की धमकी: धनबाद सदर अस्पताल के लेबर रूम में अमानवीय कृत्य
धनबाद सदर अस्पताल एक बार फिर अपनी स्वास्थ्य सेवाओं और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर विवादों में घिर गया है। अस्पताल के लेबर रूम में नवजात शिशुओं के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता उजागर हुई है। कतरास की रहने वाली एक महिला, रेखा देवी, ने अस्पताल की नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
रेखा देवी ने बताया कि प्रसव के बाद उन्हें और उनके पति पवन कुमार को नर्सों द्वारा नजराने के तौर पर लगभग 4000 रुपये देने के लिए कहा गया। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण रेखा देवी के पति ने पैसे देने में असमर्थता जताई। इसके बाद नर्सों ने नवजात जुड़वा बच्चों को फेंक देने जैसी अमानवीय धमकी दी। सूत्रों के अनुसार, धमकी और दबाव के चलते रेखा देवी के पति ने किसी तरह ऑनलाइन 1000 रुपये लेबर रूम के स्टाफ को दिए, लेकिन इसके बावजूद पैसे की मांग जारी रही। प्रसव के संवेदनशील समय में डर, धमकी और अपमान का सामना करना पड़ा, जिसका जिक्र करते हुए रेखा देवी काफी व्यथित दिखीं।
इस घटना से भयभीत होकर रेखा देवी अपने दोनों नवजात शिशुओं को लेकर सीधे धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल चली गईं। उनके साथ आई सहिया ने भी इस पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को दी है और एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सहिया ने बताया कि सदर अस्पताल के लेबर रूम में लंबे समय से मरीजों से पैसे मांगे जाने की शिकायतें आ रही हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल गरीबों और जरूरतमंदों के लिए इलाज का अंतिम सहारा होते हैं, लेकिन ऐसी खुलेआम वसूली की घटनाएं प्रशासन की लापरवाही और व्यवस्था में खामियों को दर्शाती हैं। पीड़ित परिवार ने जिला स्वास्थ्य विभाग से दोषी पाए जाने वाले नर्सों और अन्य कर्मियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी अमानवीय घटनाएं दोबारा न हों।
