0

नैनीताल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, हादसा होने पर PWD-सिंचाई विभाग होंगे जिम्मेदार

By Nov 28, 2025

नैनीताल उच्च न्यायालय ने जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सड़क या पुल निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही से यदि कोई हादसा होता है, तो इसके लिए लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और संबंधित निर्माण एजेंसी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगी। अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि निर्माण के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि जो अधिकारी या कर्मचारी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है, क्योंकि अब सरकारी विभागों और एजेंसियों पर अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेने का दबाव होगा।

यह मामला विशेष रूप से विकास नगर के आसन बैराज पुलों से जुड़ा था, जहां कई पुलों की जर्जर स्थिति पर चिंता जताई गई थी। याचिकाओं में कहा गया था कि कुछ पुलों की भार वहन क्षमता इतनी कम हो गई है कि वे किसी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। अदालत ने इन पुलों की मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि पुलों को आवाजाही के लिए खोल दिया गया है और उनकी मरम्मत भी कर ली गई है। यूजेवीएनएल द्वारा पुलों को लोक निर्माण विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया है, जिसकी रखरखाव की जिम्मेदारी अब लोनिवि की होगी।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने इस मामले में जनहित को सर्वोपरि मानते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत का यह कदम सरकारी परियोजनाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें