धान तौल न होने से आहत किसान ने पिया कीटनाशक, अधिकारियों ने कराई तौल
शाहजहांपुर के निगोही क्षेत्र में धान की तौल न होने से क्षुब्ध एक किसान ने कथित तौर पर कीटनाशक का सेवन कर लिया। घटना के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में डिप्टी आरएमओ, उपायुक्त सहकारिता और पीसीएफ प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित किसान के धान की तत्काल तौल करवाई और भविष्य में ऐसी समस्या न होने का आश्वासन दिया।
मामला ढकिया तिवारी गांव का है, जहां के किसान प्रवेश सिंह का बिछौली सहकारी समिति के क्रय केंद्र पर धान नहीं तोला जा रहा था। सूत्रों के अनुसार, किसान तीन-चार बार अपने धान की तौल के लिए केंद्र पर गया, लेकिन हर बार उसे वापस भेज दिया गया। गुरुवार को जब वह दो ट्रैक्टर-ट्रालियों में करीब 347 क्विंटल धान लेकर पहुंचा, तो केंद्र प्रभारी विनीत कुमार ने तौल से मना कर दिया। आरोप है कि इस दौरान ठेकेदार ने किसान के साथ गाली-गलौज भी की और ताना मारते हुए कहा कि ‘चाहे जहर खा लो, तुम्हारा धान नहीं तौलेंगे’।
इस व्यवहार से आहत और परेशान होकर किसान प्रवेश सिंह ने कथित तौर पर कीटनाशक पी लिया। पीड़ित के भाई बिजेंद्र सिंह ने बताया कि इससे पहले भी उसके भाई के साथ इस तरह का व्यवहार हो चुका था, जिससे वह काफी परेशान था। किसान को सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडे, जिला प्रबंधक पीएसएफ यशवीर सिंह और उपायुक्त सहकारिता अखिलेश प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसान के धान की तौल करवाई और उसके प्रपत्र सही पाए जाने पर नियमानुसार भुगतान का आश्वासन दिया।
इस संबंध में सहकारी समिति के सचिव अनूप कुमार का कहना है कि केंद्र प्रभारी ने किसान की तबीयत बिगड़ने की सूचना दी थी, जिसके बाद अधिकारी पहुंचे। वहीं, सीएचसी प्रभारी नितिन चौधरी ने बताया कि कीटनाशक पीने जैसी कोई स्थिति उपचार के दौरान सामने नहीं आई है। प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल ने भी चिकित्सक के हवाले से कीटनाशक पीने की बात से इनकार किया है, हालांकि धान तौल को लेकर विवाद की पुष्टि की है और ठेकेदार के विरुद्ध तहरीर की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, किसान ने विद्यालय प्रबंधन समिति की भूमि नीलामी में खेती के लिए ली थी। केंद्र पर उसे बटाईदार के रूप में पंजीकरण कराने को कहा गया था, जबकि उसका पंजीकरण किसान के तौर पर था। हालांकि, अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद धान की तौल करा दी गई है।
