गौतम गंभीर बने रहेंगे टीम इंडिया के कोच, दक्षिण अफ्रीका से हार के बावजूद जारी रहेगा कार्यकाल
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर अपने पद पर बने रहेंगे, भले ही टीम को हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा हो। यह निर्णय टीम के हालिया प्रदर्शनों के बावजूद लिया गया है, जिसने प्रशंसकों और विश्लेषकों के बीच चिंताएं पैदा की हैं।nnदक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में मिली हार, खास तौर पर दूसरे टेस्ट में बारसापारा स्टेडियम, गुवाहाटी में मिली हार, टीम इंडिया के लिए एक बड़ा झटका है। यह पिछले 16 महीनों में कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में दूसरी टेस्ट सीरीज हार है, इससे पहले नवंबर 2024 में न्यूजीलैंड ने भी भारत को 0-3 से क्लीन स्वीप किया था। इन लगातार हारों ने टीम इंडिया के घरेलू मैदानों पर लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।nnइस निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद, सूत्रों के अनुसार, गौतम गंभीर तीनों फॉर्मेट में मुख्य कोच बने रहेंगे। एक बीसीसीआई सूत्र ने बताया, “वह तीनों फॉर्मेट में मुख्य कोच बने रहेंगे, किसी भी बदलाव पर विचार नहीं किया जा रहा है।”nnटीम के खराब प्रदर्शन के कारण प्रशंसकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। भारत की दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 408 रनों की विशाल हार के बाद, बारसापारा स्टेडियम के बाहर प्रशंसकों को “गौतम गंभीर हाय हाय” के नारे लगाते हुए सुना गया। यह भारत की टेस्ट इतिहास में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार है।nnयह लगातार तीसरी बार है जब भारत को अपने घरेलू मैदानों पर टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 2000 में दक्षिण अफ्रीका और 2024 में न्यूजीलैंड ने भारत को अपने घर में क्लीन स्वीप किया था।nnगंभीर पर ऑलराउंडरों पर अत्यधिक निर्भरता और विशेषज्ञ खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही, रविचंद्रन अश्विन, रोहित शर्मा, विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की सेवानिवृत्तियों ने भी प्रशंसकों को नाराज किया है।nnइस क्लीन स्वीप के बाद, भारत विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) की मौजूदा साइकिल में नौ मैचों में चार जीत के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गया है, जिसका पॉइंट प्रतिशत 48.15 है। शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम अब अगले साल श्रीलंका दौरे तक कोई टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलेगी। डब्ल्यूटीसी चक्र में नौ और टेस्ट बाकी हैं, जिनमें से चार घर से बाहर खेले जाने हैं, ऐसे में फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को एक कठिन चुनौती का सामना करना पड़ेगा।”
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