कर्नाटक सीएम पर सस्पेंस बरकरार, खरगे बोले- राहुल-सोनिया से चर्चा कर निकालेंगे समाधान
कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी अटकलों और खींचतान के बीच पार्टी नेतृत्व ने मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पष्ट किया है कि वे पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और नेता राहुल गांधी के साथ मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत, यानी 1 दिसंबर तक इस मामले पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।
राजनीतिक गलियारों में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है, खासकर तब से जब से कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने सत्ता संघर्ष की बात को स्वीकार किया है। सूत्रों के अनुसार, खरगे और राहुल गांधी के बीच अगले 48 घंटों में एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इसके बाद, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डीके शिवकुमार को दिल्ली तलब किया जा सकता है, जहाँ अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यह स्थिति तब और पेचीदा हो जाती है जब कर्नाटक उन तीन राज्यों में से एक है जहाँ कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सत्ता में है और जहाँ अगले दो वर्षों में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी के भीतर गुटबाजी साफ नजर आ रही है। एक धड़ा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व का पुरजोर समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा धड़ा डीके शिवकुमार को उनकी कड़ी मेहनत का ‘इनाम’ देने की वकालत कर रहा है।
यह भी माना जा रहा है कि 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की अप्रत्याशित जीत के बाद, डीके शिवकुमार को यह आश्वासन दिया गया था कि वे सिद्धारमैया के साथ मुख्यमंत्री का कार्यभार साझा करेंगे, जिसमें दोनों ढाई-ढाई साल के लिए पद पर रहेंगे। इस समय सीमा के समाप्त होने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर अनिश्चितता और तनाव का माहौल बना हुआ है। कांग्रेस विधायक भी सार्वजनिक रूप से अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं, जिससे अटकलें और तेज हो रही हैं।
