जौनपुर भाजपा को मिली नई दिशा: अजीत प्रजापति बने जिलाध्यक्ष, अटकलों का दौर समाप्त
जौनपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आखिरकार अपने नए जिलाध्यक्ष के नाम पर मुहर लगा दी है। पार्टी ने अढ़नपुर गांव निवासी अजीत प्रजापति को जिले की कमान सौंपी है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलों और कयासों पर विराम लग गया है। बुधवार देर रात जैसे ही इंटरनेट मीडिया पर इस संबंध में सूची प्रसारित हुई, पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई और उन्होंने अजीत प्रजापति को बधाई देना शुरू कर दिया।
बेहद ही सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले अजीत प्रजापति को संगठन के कार्यों का लंबा और विशेष अनुभव प्राप्त है। उन्होंने अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत संघ की शाखा से एक स्वयंसेवक के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने शाखा कार्यवाह, खंड कार्यवाह, खंड शिक्षक, मुख्य शिक्षक और विस्तारक जैसे कई महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। वर्ष 2012 में उन्होंने भाजपा की सक्रिय राजनीति में कदम रखा और यहां भी जिला मंत्री व जिला उपाध्यक्ष जैसे पदों पर रहते हुए संगठन की विभिन्न जिम्मेदारियों को कुशलतापूर्वक संभाला। पार्टी के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और विचारधारा को देखते हुए ही उन्हें उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड का सदस्य भी मनोनीत किया गया था। वर्तमान में वे सुल्तानपुर जनपद में जिला प्रवासी के तौर पर भी सक्रिय थे।
सुइथाकलां क्षेत्र से अजीत प्रजापति भाजपा के चौथे जिलाध्यक्ष बने हैं। यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से पार्टी के लिए हमेशा उर्वर रहा है। जनसंघ के प्रथम सांसद ठाकुर ब्रह्मजीत सिंह इसी क्षेत्र के जुड़ापुर गांव से थे। 1995 में लालता प्रसाद यादव (जो विधायक भी रहे) पहले जिलाध्यक्ष बने थे। इसके बाद हरिश्चंद्र सिंह, पुष्पराज सिंह और अब अजीत प्रजापति इस पद पर पहुंचे हैं। इसी क्षेत्र के रमेश चंद्र मिश्र बदलापुर से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए हैं।
ज्ञात हो कि जौनपुर जिलाध्यक्ष पद के लिए 54 दावेदारों ने नामांकन किया था। पार्टी के चुनाव अधिकारी और प्रदेश उपाध्यक्ष त्र्यंबक नाथ त्रिपाठी की मौजूदगी में यह प्रक्रिया संपन्न हुई थी। नामांकन पत्रों की स्कूटनी के बाद प्रदेश कार्यालय को सूची प्रेषित की गई थी। हालांकि, तय समय सीमा 15 जनवरी की बजाय 26 नवंबर को नए जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की गई। इस बीच, पार्टी के भीतर गुटबाजी की भी सुगबुगाहटें सुनाई दे रही थीं। बहरहाल, अजीत प्रजापति के नाम की घोषणा के बाद अब सभी अटकलों पर विराम लग गया है।
नए जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा, “पार्टी ने मेरे ऊपर जो भरोसा जताया है, उस पर मैं सदैव खरा उतरने का प्रयास करूंगा। मेरा लक्ष्य संगठन को और अधिक मजबूत करना और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना है।”
