ब्लैक फ्राइडे: शॉपिंग के महाउत्सव के नाम की अनोखी कहानी
ब्लैक फ्राइडे का नाम सुनते ही हमारे जेहन में भारी छूट, लंबी कतारें और खरीदारी की होड़ की तस्वीरें उभर आती हैं। यह आज दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे बेसब्री से इंतजार किया जाने वाला शॉपिंग फेस्टिवल है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसे ‘ब्लैक फ्राइडे’ क्यों कहा जाता है? इसका नाम भले ही नकारात्मक लगे, लेकिन यह दिन तो खुशियां और बड़ी बचत लेकर आता है। इस दिलचस्प नाम के पीछे की कहानी आज की शॉपिंग की दीवानगी से काफी अलग है।
जरा सोचिए, एक ऐसा दिन, जो साल में एक बार आता है और जिस दिन दुनिया भर के करोड़ों लोग अपनी नींद कुर्बान करके, घंटों लाइन में खड़े होकर, बस एक चीज चाहते हैं – भारी छूट! यह वह तारीख है जो आते ही सेल का तूफान ले आती है और मिनटों में दुकानों की शेल्फ खाली कर देती है।
क्या आपको पता है कि यह शब्द, जिसे आज हम ‘बचत’ और ‘बम्पर डील’ से जोड़ते हैं, इसकी शुरुआत में इसका मतलब बहुत ही नकारात्मक था? इस दिन को ‘ब्लैक’ यानी ‘काला’ क्यों कहा गया, जबकि यह तो खुशियों और मुनाफे का दिन है? इसके नाम के पीछे की कहानी इतनी रोचक है कि आपको यकीन नहीं होगा कि इसका संबंध न तो सेल से था और न ही मुनाफे से, बल्कि फिलाडेल्फिया की सड़कों पर लगे भयानक ट्रैफिक जाम से था।
ब्लैक फ्राइडे सेल की जड़ें अमेरिका से जुड़ी हैं। अमेरिका में थैंक्सगिविंग एक बड़ा त्योहार होता है, जिसे नवंबर के चौथे गुरुवार को मनाया जाता है। इसके तुरंत अगले दिन लोग छुट्टी मोड में होते हैं और क्रिसमस की तैयारियों की शुरुआत करते हैं। दुकानदारों ने इसे खरीदारी शुरू करवाने का सही मौका माना और बड़े-बड़े डिस्काउंट देने लगे। धीरे-धीरे यह दिन साल की सबसे बड़ी शॉपिंग डेट बन गया।
‘ब्लैक फ्राइडे’ नाम सुनते ही झटका लगता है, क्योंकि इसमें ‘ब्लैक’ शब्द किसी नकारात्मक बात की ओर इशारा करता है। दरअसल, 1960 के दशक में फिलाडेल्फिया की पुलिस ने सबसे पहले इस शब्द का इस्तेमाल किया था। थैंक्सगिविंग के अगले दिन शहर की सड़कों पर इतना ज्यादा ट्रैफिक, भीड़, पार्किंग की दिक्कत और अफरातफरी बढ़ जाती थी कि पुलिसकर्मी उस दिन को ‘ब्लैक फ्राइडे’ कहने लगे। उनके लिए यह दिन बेहद थकाऊ और सिरदर्द बढ़ाने वाला होता था।
जब यह नाम आम लोगों में फैलने लगा, तो दुकानदारों को लगा कि ‘ब्लैक’ शब्द सेल की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए उन्होंने इसकी एक नई कहानी बनाकर लोगों को बतानी शुरू की। उन्होंने बताया कि पहले दुकानदार साल भर घाटे में रहते थे, जिसे ‘रेड’ में लिखा जाता था, और ब्लैक फ्राइडे जैसे सेल वाले दिनों में उनकी कमाई इतनी बढ़ जाती थी कि वे ‘ब्लैक’ में यानी प्रॉफिट में आ जाते थे। इस कहानी को लोगों ने जल्दी ही स्वीकार कर लिया, और आज ब्लैक फ्राइडे का मतलब बस एक ही है – बड़े डिस्काउंट और जबरदस्त शॉपिंग।
