91 लाख की सड़क पांच साल से अधर में, दो बार शिलान्यास के बाद भी निर्माण शुरू नहीं
बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड की गोविंदपुर-तीन पंचायत में एक सड़क परियोजना पिछले पांच वर्षों से अधर में लटकी हुई है। मुख्यमंत्री ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना के तहत वार्ड संख्या 14 में एनएच 28 से गाछी टोला तक डेढ़ किलोमीटर सड़क का निर्माण 91 लाख 29 हजार 457 रुपये की लागत से होना था। इस परियोजना का दो बार शिलान्यास होने के बावजूद आज तक धरातल पर नहीं उतरा है, जिससे स्थानीय ग्रामीण बेहद नाराज हैं।
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2019 में बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग से इस सड़क के लिए राशि स्वीकृत की गई थी। तत्कालीन विधायक रामदेव राय ने इसका शिलान्यास भी किया था। सड़क निर्माण का कार्य अगस्त 2020 तक पूरा होना था, लेकिन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में अत्यधिक देरी के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। बाद में, तत्कालीन ठेकेदार ने बढ़ी हुई लागत और प्रक्रिया की जटिलताओं के कारण काम करने में असमर्थता जताई थी।
इसके बाद, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल तेघड़ा ने राशि में वृद्धि और नई स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकृत कर दिया गया। हाल ही में, स्थानीय विधायक और बिहार सरकार के पूर्व खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने वर्ष 2025 की शुरुआत में सुरो गांव पहुंचकर कुछ जमीन मालिकों से संपर्क साधा और ठप पड़े निर्माण कार्य को फिर से शुरू कराने का प्रयास किया। उन्होंने ग्रामीण कार्य प्रमंडल तेघड़ा के कार्यपालक अभियंता को सड़क निर्माण पूरा करने का निर्देश भी दिया था।
हालांकि, मंत्री के निर्देश के बावजूद, ठेकेदार द्वारा केवल कुछ जगहों पर मिट्टी और सफेद बालू डालकर काम छोड़ दिया गया है। इससे ग्रामीण आक्रोशित हैं और उनका आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण यह महत्वपूर्ण योजना पांच साल बाद भी पूरी नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की है, ताकि उन्हें आवागमन में सुविधा मिल सके। इस संबंध में ग्रामीण कार्य प्रमंडल तेघड़ा के कार्यपालक अभियंता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
