9000 श्रमिकों पर मंडराया खतरा! अगर नहीं किया ये काम तो छिन जाएगा सरकारी योजनाओं का लाभ
भोजपुर जिले में हजारों असंगठित श्रमिकों के लिए चिंता का विषय है। लगभग 9,200 श्रमिकों का पंजीकरण नवीनीकरण न होने के कारण उन पर रद होने का खतरा मंडरा रहा है। यह उन श्रमिकों के लिए एक बड़ी समस्या है जो सरकारी योजनाओं के लाभ पर निर्भर हैं।
श्रम विभाग के नियमानुसार, असंगठित श्रमिकों को हर पांच साल में अपना पंजीकरण नवीनीकृत कराना अनिवार्य होता है। नवीनीकरण न होने की स्थिति में, उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। जिले में अब तक 67,739 श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें से 3,261 को लाभ मिल रहा है।
श्रम विभाग इस समस्या को हल करने के लिए सक्रिय है। विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है और प्रखंड मुख्यालयों के साथ-साथ जिला मुख्यालय में भी विशेष शिविर आयोजित कर रहा है। श्रमिक स्वयं बायोमेट्रिक डिवाइस या शिविरों में जाकर 50 रुपये के शुल्क पर अपना पंजीकरण नवीनीकृत करा सकते हैं।
असंगठित श्रमिकों में राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और सड़क निर्माण में लगे मजदूर शामिल हैं। विभाग ने सभी पात्र श्रमिकों से जल्द से जल्द अपना पंजीकरण अपडेट कराने की अपील की है ताकि वे योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।
