86वां जन्मदिन मनाने के अगले दिन लेजेंडरी फिल्ममेकर AVM सरवनन का निधन
चेन्नई: तमिल सिनेमा के एक प्रतिष्ठित नाम, एवीएम सरवनन, जिनका असली नाम सरवनन सूर्य मणि था, का गुरुवार को 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। यह दुखद संयोग है कि उन्होंने अपने निधन से ठीक एक दिन पहले ही अपना 86वां जन्मदिन मनाया था। उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उन्होंने अंतिम सांस ली। एवीएम सरवनन, एवीएम प्रोडक्शंस और एवीएम स्टूडियोज के प्रमुख के तौर पर जाने जाते थे, जो उनके पिता, तमिल सिनेमा के अग्रणी एवी मयप्पन द्वारा स्थापित किए गए थे।
सरवनन को तमिल फिल्म उद्योग में एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जाता था जिन्होंने कई पीढ़ियों के दर्शकों को मनोरंजित किया। उनके नेतृत्व में, एवीएम प्रोडक्शंस ने ‘नानुम ओरु पेन’, ‘संसारम अधु मिनसाराम’, ‘शिवाजी: द बॉस’ और ‘वेट्टाइकरन’ जैसी कई सफल और प्रभावशाली फिल्में बनाईं, जिन्होंने न केवल व्यावसायिक सफलता हासिल की बल्कि मजबूत कहानियों के माध्यम से दर्शकों के दिलों को भी छुआ। उनकी फिल्में अक्सर पारिवारिक दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई जाती थीं, जिसने उन्हें एक विशेष पहचान दिलाई।
3 दिसंबर, 1939 को जन्मे सरवनन ने अपने करियर में कई मील के पत्थर स्थापित किए। 1986 में उन्होंने मद्रास के शेरिफ के रूप में भी कार्य किया। उनके बेटे, एमएस गुहान, भी फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं, जो उनकी पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। एवीएम स्टूडियोज, जिसे 1945 में स्थापित किया गया था, भारत के सबसे पुराने फिल्म स्टूडियो में से एक है, जो भारतीय सिनेमा के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सरवनन के निधन की खबर से पूरे फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके अंतिम संस्कार के लिए उनके पार्थिव शरीर को गुरुवार दोपहर 3:30 बजे एवीएम स्टूडियो की तीसरी मंजिल पर आम जनता के दर्शन के लिए रखा जाएगा, ताकि प्रशंसक, परिवार और उद्योग के साथी उन्हें अंतिम विदाई दे सकें। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी परिवार से मिलकर शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर भी कई प्रशंसकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और उन्हें तमिल सिनेमा का एक ‘स्तंभ’ बताते हुए उनकी विरासत को याद किया है। एवीएम सरवनन का जाना फिल्म जगत के लिए एक युग का अंत माना जा रहा है।
