अलीगढ़ में भूजल स्तर गिरने से 50% हैंडपंप बेकार, पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल
अलीगढ़ शहर में पीने के पानी का संकट गहराता जा रहा है। नगर निगम के रिकॉर्ड में 4359 हैंडपंप दर्ज हैं, लेकिन इनमें से लगभग 50 फीसदी खराब हो चुके हैं या गिरते भूजल स्तर के कारण पानी नहीं दे पा रहे हैं। अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, कलक्ट्रेट और पार्कों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लगे ये हैंडपंप अब लोगों के काम नहीं आ रहे हैं।
हैंडपंपों की बदहाल स्थिति
जलकल विभाग के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 20 फीसदी हैंडपंप सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हो गए, 10 फीसदी के हत्थे गायब हैं, और 30 फीसदी पानी नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा, 10 फीसदी हैंडपंपों से निकलने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। कुल मिलाकर, 60 से 70 फीसदी हैंडपंप अनुपयोगी हो गए हैं। मरम्मत के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
भूजल स्तर में गिरावट का असर
अलीगढ़ शहर भूगर्भ जल के गिरते स्तर के कारण गंभीर संकट का सामना कर रहा है। हैंडपंपों की बोरिंग आमतौर पर 80 फीट तक होती है, जबकि वर्तमान में नलकूपों की बोरिंग 300 से 500 फीट तक की जा रही है। हैंडपंप की क्षमता 80 फीट से नीचे पानी निकालने की नहीं होती, जिससे वे फेल हो रहे हैं। जल निगम ने भी हैंडपंप की बोरिंग न कराने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा है, क्योंकि जमीन के अंदर हैंडपंप लायक पानी उपलब्ध नहीं है।
पानी की गुणवत्ता पर भी चिंता
शहर में 200 फीट के नीचे पीने लायक पानी नहीं बचा है। जल निगम द्वारा की जा रही बोरिंग से तीसरे स्तर का पानी लिया जा रहा है, जिसके कारण हैंडपंपों से पीला, बदबूदार और दूषित पानी आ रहा है। नगर निगम और पार्षदों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप पर भी हैंडपंप खराब होने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। लाखों की लागत से लगाए गए हैंडपंपों में से अधिकांश या तो जमीन में धंस गए हैं या पानी नहीं दे रहे हैं।
अधिकारियों का पक्ष
जीएम जल डा. पीके सिंह ने बताया कि अब डीप क्षमता वाले हैंडपंप लगाए जा रहे हैं। सामान्य हैंडपंप जलस्तर नीचे जाने के कारण पानी छोड़ रहे हैं। जिन वार्डों में हैंडपंप चल रहे हैं, वहां पानी की गुणवत्ता ठीक है। हैंडपंप के पानी की जांच भी कराई जाएगी। जलस्तर घटने के बाद लोगों को राहत देने के लिए मिनी नलकूप लगाए गए हैं।
जनता की परेशानी
सपा पार्षद मुशर्रफ हुसैन महजर ने बताया कि उनके वार्ड में एक नलकूप लगा है और दूसरे के लिए प्रस्ताव दिया गया है। सभी हैंडपंप खराब पड़े हैं और कुछ में पानी नहीं आता, जिससे सर्दियों में भी पेयजल संकट बना रहता है।
