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कफ सीरप माफिया विनोद अग्रवाल की 5 संपत्तियां फ्रीज, काली कमाई से खरीदे प्लॉट

By Feb 12, 2026

वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने कोडीनयुक्त कफ सीरप के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सरगना विनोद अग्रवाल और उसके परिजनों की पांच संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। इनमें चार अचल संपत्तियां और आईसीआईसीआई बैंक का एक खाता शामिल है, जिसमें करीब 37 लाख रुपये जमा हैं। पुलिस का दावा है कि ये संपत्तियां विनोद अग्रवाल ने अवैध रूप से कफ सीरप की तस्करी से अर्जित की काली कमाई से खरीदी हैं। इस कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया है, क्योंकि यह मामला हाई प्रोफाइल है और इसमें बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है।

यह कार्रवाई वाराणसी के सारनाथ और कलक्टरगंज थाना क्षेत्रों में दर्ज मुकदमों के आधार पर की गई है। एसीपी विदूष सक्सेना के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शहर पहुंचकर संपत्तियों को फ्रीज किया। इनमें गोपाल विहार सोसायटी में दो प्लॉट, चकेरी के दहेली सुजानपुर में एक प्लॉट और जाजमऊ में एक प्लॉट शामिल है। इन सभी संपत्तियों को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68 एफ के तहत फ्रीज किया गया है, जिसका अर्थ है कि इनके खरीद-बिक्री या हस्तांतरण पर तत्काल रोक लगा दी गई है।

जांच में यह भी सामने आया है कि विनोद अग्रवाल दूसरी कंपनियों का माल खरीदकर अपनी फर्मों के माध्यम से बेचता था। वह लेबोरेट फार्मासुटिकल्स इंडिया लि. कंपनी से एस्कफ डीएक्स नाम की कफ सिरप खरीदकर सप्लाई करता था। यह रैकेट शुभम जायसवाल के गिरोह से भी जुड़ा हुआ है, जो इसी तरह की तस्करी में शामिल था। पुलिस का कहना है कि विनोद अग्रवाल और शुभम दोनों के काम करने का तरीका एक जैसा है और उन्होंने कई बोगस फर्मों के जरिए करोड़ों के माल की फर्जी सप्लाई दिखाई है। इस मामले में मेरठ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी की कई फर्मों के शामिल होने की आशंका है।

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