43 अवैध मदरसे संचालित, दिल्ली ब्लास्ट के बाद ATS करेगी जांच
दिल्ली में हुए हालिया विस्फोट के मद्देनजर, उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में संचालित 43 अवैध मदरसों की जांच का जिम्मा अब आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को सौंपा गया है। सूत्रों के अनुसार, यह खुलासा डेढ़ साल पहले अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा कराई गई एक जांच में हुआ था, जिसमें पुरवा तहसील को छोड़कर जिले की शेष पांच तहसीलों में 43 मदरसे बिना किसी पंजीकरण के संचालित पाए गए थे।
तत्कालीन संबंधित ब्लाक शिक्षा अधिकारियों द्वारा इन मदरसों को तत्काल बंद करने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इन निर्देशों का संचालकों पर कोई असर नहीं पड़ा और मदरसे अवैध रूप से चलते रहे। प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे इन मदरसों के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। दिल्ली में हुई घटना के बाद अब एटीएस इन मदरसों की गतिविधियों की गहन जांच करेगी।
एटीएस ने जिले में संचालित सभी मदरसों की सूची, उनके संचालक व प्रबंधक के नाम, पते और मोबाइल नंबर सहित विस्तृत जानकारी मांगी है। इस सूचना के प्राप्त होते ही यह सूची एटीएस को सौंप दी जाएगी। अवैध रूप से संचालित मदरसों के संचालकों के बीच इस जांच को लेकर हड़कंप मच गया है।
शासन के निर्देश पर डेढ़ साल पहले शुरू हुए इस मदरसों के सर्वे कार्य में तहसील और ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को भी शामिल किया गया था। सर्वे रिपोर्ट में अवैध रूप से संचालित मिले मदरसों के बारे में जानकारी ऊपर तक भेजी गई थी, लेकिन तब से अब तक इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। उम्मीद है कि एटीएस की जांच के बाद ऐसे अवैध संस्थानों पर लगाम कसी जाएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पर्दाफाश हो सकेगा। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को लेकर हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए तैयार हैं।
