400 करोड़ का 14 किमी लंबा उत्तरी बाईपास जल्द खुलेगा, यातायात होगा सुगम
आगरा में आमजन को यातायात जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। नेशनल हाईवे-19 पर रैपुरा जाट को मिडावली हाथरस रोड से जोड़ने वाला 400 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 14 किलोमीटर लंबा उत्तरी बाईपास दिसंबर के दूसरे सप्ताह में खुल जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने से न केवल खंदौली की दूरी घटकर मात्र 20 मिनट रह जाएगी, बल्कि सिकंदरा चौराहे पर वाहनों के अत्यधिक दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।
इस उत्तरी बाईपास के निर्माण में करीब सात महीने की देरी हाईटेंशन लाइनों के स्थानांतरण के कारण हुई। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग को कई बार पत्र लिखे। एक हाईटेंशन लाइन को साढ़े तीन महीने पहले ही शिफ्ट किया जा चुका है, और अब दूसरी महत्वपूर्ण लाइन को स्थानांतरित करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। यह विशेष लाइन मथुरा रिफाइनरी को बिजली की आपूर्ति करती है, इसलिए इसके स्थानांतरण में विशेष सावधानी बरती जा रही है।
एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग का कार्य अगले दो हफ्तों में पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद बाईपास को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इस बाईपास के खुलने से दिल्ली और नोएडा से ग्वालियर या कानपुर की ओर जाने वाले वाहनों को आगरा शहर के ट्रैफिक जाम से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे उनके सफर में काफी समय बचेगा। यह परियोजना आगरा के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले यातायात के लिए भी एक नया मार्ग प्रशस्त करेगी। इस महत्वपूर्ण चौराहे पर वाहनों का दबाव कम होने से यात्रियों को सुगम और तेज यात्रा का अनुभव मिलेगा।
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