35 लाख का जुर्माना: अब 24 घंटे में होंगी बसों की मरम्मत, वरना कंपनी पर लगेगा भारी जुर्माना
परिवहन निगम में अब बसों की मरम्मत में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल ही में, जून से अगस्त के बीच 64 से अधिक बसों की मरम्मत में हुई देरी के कारण निगम को लगभग 35 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। इस गंभीर लापरवाही के चलते, परिवहन निगम ने मरम्मत ठेकेदार RK ऑटोमोबाइल्स पर 35 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। अब कंपनी को बिना किसी देरी के बसों की मरम्मत करनी होगी, और यदि कोई बस अनावश्यक रूप से खड़ी रहती है, तो उससे होने वाली दैनिक आय का नुकसान कंपनी द्वारा वहन किया जाएगा।
यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही लापरवाही और उसके परिणामस्वरूप निगम को हो रहे भारी नुकसान के बाद लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से बसों की मरम्मत का जिम्मा निजी कंपनी RK ऑटोमोबाइल्स के पास है। शुरुआत में कंपनी के पास पर्याप्त कर्मचारी नहीं थे, जिससे काम समय पर नहीं हो पा रहा था। चालकों और परिचालकों द्वारा लगातार शिकायतों के बावजूद, बसों की मरम्मत में एक-एक हफ्ते का समय लग जाता था, और कई बार काम अधूरा ही सौंपा जाता था।
आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 में 64 गाड़ियों की मरम्मत समय पर न होने से 17 लाख, जुलाई में 31 बसों की मरम्मत न होने से 13 लाख, और अगस्त में तीन बसों की मरम्मत में देरी से 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ। कुल मिलाकर यह नुकसान 35 लाख रुपये तक पहुँच गया। इस वित्तीय घाटे ने निगम को सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया।
इस जुर्माने के बाद, RK ऑटोमोबाइल्स कंपनी के मालिक और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। तत्काल प्रभाव से, डिपो में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई और मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया। सितंबर महीने में स्थिति काफी सुधरी है। अब यदि कोई बस खराब होती है, तो उसकी तत्काल मरम्मत कर उसे तुरंत परिचालन के लिए रवाना कर दिया जाता है। परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में कोई भी बस बिना किसी उचित कारण के रोकी गई, तो संबंधित कंपनी पर फिर से भारी जुर्माना लगाया जाएगा। निगम किसी भी तरह का जोखिम उठाने को तैयार नहीं है।
इस नई व्यवस्था से चालकों और परिचालकों में भी खुशी की लहर है। पहले जहां उन्हें बसों की मरम्मत के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था और उनकी ड्यूटी भी प्रभावित होती थी, वहीं अब उनकी शिकायतें बंद हो गई हैं। बसें समय पर ठीक होकर रूट पर लौट रही हैं, जिससे निगम की आय भी सुनिश्चित हो रही है और यात्रियों को भी बेहतर सेवा मिल रही है।
