ईरान में फंसे 3000 Indian students, घर वापसी के लिए लगाई गुहार, एंबेसी पर मदद न करने का आरोप
ईरान में महंगाई के खिलाफ चल रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच लगभग 3000 भारतीय मेडिकल छात्र फंसे हुए हैं। इनमें से अधिकांश छात्र कश्मीर के रहने वाले हैं। छात्रों के परिवारों ने भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, उनका कहना है कि तेहरान में भारतीय दूतावास उनकी मदद नहीं कर रहा है।
ईरान में 28 दिसंबर से महंगाई को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए थे। स्थिति बिगड़ने के बाद इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं। कर्फ्यू के कारण छात्र हॉस्टल से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। परिवारों का आरोप है कि दूतावास ने छात्रों को अपने खर्च पर ईरान छोड़ने के लिए कहा है, लेकिन इंटरनेट बंद होने और बैंक सेवाएं ठप होने के कारण टिकट बुक करना असंभव है।
कश्मीर के कई अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चों के पास पैसे खत्म हो गए हैं और हॉस्टल में खाने-पीने की चीजों की कमी हो रही है। एक अभिभावक ने बताया कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को खाने-पीने के सामान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जहां एक किलो चावल की कीमत 1000 रुपये तक पहुंच गई है।
एक अन्य अभिभावक ने बताया कि उनकी बेटी ने उन्हें बताया कि प्रदर्शनों के दौरान एक कश्मीरी लड़की घायल हुई है। परिवारों का आरोप है कि दूतावास ने छात्रों पर जल्द से जल्द निकलने का दबाव बनाया, लेकिन एयरलिफ्ट करने से मना कर दिया। अभिभावकों ने सरकार से अपील की है कि वह विशेष उड़ानें चलाकर उनके बच्चों को सुरक्षित वापस लाए।
