28 नवंबर 2025: मासिक दुर्गाष्टमी व्रत आज, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त
आज, 28 नवंबर 2025, शुक्रवार को हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। इस विशेष दिन पर मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाएगा। यह व्रत मां दुर्गा को समर्पित होता है और ऐसी मान्यता है कि जो भक्त इस दिन श्रद्धापूर्वक और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं, उन्हें माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि रात 12 बजकर 15 मिनट तक (29 नवंबर) मान्य रहेगी। इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 54 मिनट पर हुआ। आज के दिन व्याघात योग सुबह 11 बजकर 5 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद हर्षण योग प्रारंभ हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, विष्टि करण दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद बव करण शुरू होगा और यह रात 12 बजकर 15 मिनट (29 नवंबर) तक रहेगा।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दुर्गाष्टमी का व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस व्रत के प्रभाव से साधकों के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सभी कष्ट दूर होते हैं। विशेषकर यह व्रत महिलाओं के लिए संतान प्राप्ति और उनके कल्याण हेतु फलदायी माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का विशेष विधान है। भक्तजन आज के दिन कन्या पूजन भी करते हैं, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
हालांकि, आज के पंचांग के अनुसार कुछ अशुभ योगों का भी प्रभाव रहेगा। राहुकाल का समय दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, राहुकाल के दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। इसके अतिरिक्त, विष्टि करण को भी सामान्यतः अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान भी महत्वपूर्ण कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।
आज के दिन को शुभ बनाने के लिए भक्तजन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर मां दुर्गा का स्मरण करें। व्रत का संकल्प लें और फल, फूल, धूप, दीप आदि से मां की पूजा करें। दुर्गा चालीसा का पाठ करना भी विशेष फलदायी होगा। शाम को दुर्गा आरती कर व्रत का पारण किया जा सकता है। सूर्योदय के समय से ही वातावरण में एक विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है, जो भक्तों को मां की कृपा प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा।
