22 नवंबर 2025: जानें शनिवार का शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल
शनिवार, 22 नवंबर 2025 को पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार का दिन कर्मफलदाता शनिदेव को समर्पित होता है। इस दिन शनिदेव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से साधकों को शनि की साढ़े साती और ढैय्या जैसी बाधाओं से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही, यह दिन संकटमोचन हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए भी अत्यंत शुभ माना गया है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि शाम 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। सुकर्मा योग का शुभ संयोग भी आज सुबह 11 बजकर 30 मिनट तक बना रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत फलदायी होता है। नक्षत्रों की बात करें तो कौलव करण शाम 5 बजकर 11 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जबकि तैतिल करण अगले दिन सुबह 6 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।
आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 49 मिनट पर हुआ, और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 25 मिनट पर होगा। पंचांग के अनुसार, राहुकाल का समय विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है, क्योंकि इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए। हालांकि, राहुकाल का सटीक समय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर भिन्न हो सकता है, इसलिए सटीक जानकारी के लिए स्थानीय पंचांग का अवलोकन करना उचित है।
इस शुभ संयोग में, भक्त शनिदेव और हनुमान जी की आराधना कर अपने जीवन की कठिनाइयों को कम कर सकते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति कर सकते हैं। पंचांग हमें दैनिक जीवन में आने वाले महत्वपूर्ण समयों की जानकारी देता है, जिससे हम अपने कार्यों को सही मुहूर्त में संपन्न कर सकें।
