यमुनानगर में 210 मीटर सड़क अधूरी, राहगीरों को ‘road’ पर हो रही परेशानी
यमुनानगर के छछरौली-अशहबपुरा सड़क का लगभग 210 मीटर हिस्सा अभी भी अधूरा है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसाती सीजन में नदी के किनारे बनी कंक्रीट की दीवार ढह जाने के कारण यह महत्वपूर्ण खंड धंस गया है।
हालांकि, सड़क का करीब 3 किलोमीटर हिस्सा सुगम हो गया है, लेकिन छछरौली पुल के पास लगभग 210 मीटर का हिस्सा 10 फीट से अधिक धंसा हुआ है। इस खराब सड़क से गुजरते समय छोटे चौपहिया वाहनों को नुकसान हो रहा है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह रास्ता काफी जोखिम भरा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क का उपयोग वे वर्षों से शॉर्टकट के तौर पर करते आए हैं, लेकिन अब धंसा हुआ हिस्सा एक बड़ी बाधा बन गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन लगातार इस सड़क से गुजर रहे हैं, जिससे कच्चा हिस्सा और अधिक खराब हो रहा है और कुछ स्थानों पर नई बनी सड़क भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यह मार्ग जंगल के बीच से होकर गुजरता है, जहां वन्य जीवों का आवागमन रहता है, ऐसे में भारी वाहनों से वन्य प्राणियों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं ने भी लोक निर्माण विभाग से इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग के जेई इकबाल सिंह ने बताया कि इस वर्ष नदी के बहाव ने अपना स्वरूप बदलते हुए दीवार के पास से रास्ता बना लिया, जिसके कारण दीवार ढह गई और 210 मीटर सड़क का निर्माण कार्य रुक गया। इस समस्या के समाधान के लिए एक नया डिजाइन तैयार किया गया है और इसके लिए करीब सात करोड़ रुपये का एस्टिमेट बनाकर अप्रूवल के लिए भेजा गया है। विभाग को उम्मीद है कि यह जल्द ही मंजूर हो जाएगा।
