17 साल बाद जम्मू में फिर बड़े आंदोलन की तैयारी, 60 से अधिक संगठनों का समर्थन
जम्मू में करीब 17 वर्षों के बाद एक बार फिर बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। श्री अमरनाथ संघर्ष समिति की तर्ज पर श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति का गठन किया गया है। श्री सनातन धर्म सभा (जम्मू-कश्मीर) के आह्वान पर शहर के 60 से अधिक सामाजिक, धार्मिक, सामुदायिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर यह नई समिति बनाई है। इस बार आंदोलन का मुख्य मुद्दा श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधीन संचालित मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों के आवंटन को लेकर उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, कटड़ा स्थित श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कुल 50 सीटों में से 42 सीटें अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को आवंटित किए जाने पर विभिन्न संगठनों ने गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका तर्क है कि हिंदू श्राइन बोर्ड के इस मेडिकल कॉलेज में हिंदू छात्रों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, क्योंकि देश भर से श्रद्धालु हिंदू धर्म से जुड़े कार्यों के लिए ही बोर्ड को दान देते हैं। ऐसे में, कॉलेज की लगभग सभी सीटें अन्य समुदाय को आवंटित करना अनुचित और भेदभावपूर्ण है।
इस विवाद के बीच, शनिवार को जम्मू के गीता भवन में श्री सनातन धर्म सभा के आह्वान पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम दधीचि ने की। इसमें ब्राह्मण सभा, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, राजपूत सभा, युवा राजपूत सभा, सेवा दल सहित शहर के 60 से अधिक प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से एमबीबीएस सीटों के आवंटन के मुद्दे पर श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के गठन का निर्णय लिया गया। पूर्व सैनिक परिषद के अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्नल सुखबीर सिंह मनकोटिया को संघर्ष समिति का संयोजक नियुक्त किया गया है। यह समिति आने वाले दिनों में अपने आंदोलन की रूपरेखा तय करेगी और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श करेगी।
यह घटनाक्रम वर्ष 2008 में हुए श्री अमरनाथ भूमि आंदोलन की याद दिलाता है। उस समय भी श्री अमरनाथ भूमि विवाद को लेकर जम्मू में एक शक्तिशाली संघर्ष समिति का गठन हुआ था, जिसने प्रदेश सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया था। तत्कालीन केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद ही उस आंदोलन का समाधान निकला था, जिसमें 12 लोगों ने शहादत दी थी और 50 से अधिक घायल हुए थे। वर्तमान में गठित हुई यह नई समिति जम्मू के लोगों के बीच एक बार फिर एकजुटता का प्रतीक बनकर उभरी है।
