0

पंजाब में 14 वरिष्ठ IAS रिटायर होंगे, 40 अफसरों की कमी से जूझ रही सरकार की मुश्किलें बढ़ीं

By Jan 19, 2026

पंजाब में प्रशासनिक अमले पर संकट गहराने वाला है। राज्य कैडर के 14 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी इस वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जबकि सरकार पहले से ही 40 से अधिक अधिकारियों की कमी का सामना कर रही है। इस स्थिति से सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।

सेवानिवृत्ति का सिलसिला शुरू

जनवरी में 1996 बैच के आईएएस एके सिन्हा और 2005 बैच के दिलराज सिंह संधावालिया सेवानिवृत्त होंगे। सिन्हा को हाल ही में एक महत्वपूर्ण पद से हटाया गया था और यदि उन्हें कोई नई पोस्टिंग नहीं मिलती है, तो वे बिना किसी विभाग के सेवानिवृत्त हो जाएंगे। फरवरी में 2009 बैच के अरविंद पाल सिंह संधू और 2004 बैच के अरुण सेखड़ी भी सेवामुक्त हो जाएंगे।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का दबाव

मार्च में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए 1990 बैच के अनुराग अग्रवाल और 1994 बैच के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी जेएम बालामुरुगन भी सेवानिवृत्त होंगे। उनके साथ ही 2012 बैच के भूपिंदर सिंह भी सेवामुक्त हो जाएंगे। अप्रैल में लोक संपर्क विभाग के पूर्व निदेशक विमल सेतिया भी सेवानिवृत्त होंगे। जून में 2005 बैच की गुरप्रीत सपरा और 2008 बैच के मोहिंदर पाल, जुलाई में 1992 बैच के सरबजीत सिंह, अगस्त में 1997 बैच के वीके मीणा और अक्टूबर में 2004 बैच के मनवेश सिंह सिद्धू सेवानिवृत्त होंगे। दिसंबर में 1991 बैच की सीमा जैन भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से सेवानिवृत्त होंगी।

खाली पदों का आंकड़ा

पंजाब में आईएएस अधिकारियों का कुल कैडर 231 पदों का है, लेकिन वर्तमान में राज्य सरकार के पास केवल 191 अधिकारी ही कार्यरत हैं। इस प्रकार, 40 पद खाली हैं। इसके अतिरिक्त, कई आईएएस अधिकारी केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए इच्छुक हैं, जिनमें से चार को राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिल चुका है। यह स्थिति राज्य के प्रशासनिक ढांचे के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे विकास कार्यों और जनसेवाओं पर असर पड़ सकता है।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें