अफगानिस्तान के हिंदूकुश में 5.1 तीव्रता का भूकंप: काबुल तक महसूस हुए झटके
अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का तेज भूकंप आया, जिसके झटके राजधानी काबुल तक महसूस किए गए। यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि इसका केंद्र 244 किलोमीटर की गहराई पर था। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरे क्षेत्र में, विशेषकर पाकिस्तान में, लगातार भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं, जो भूगर्भीय अस्थिरता का संकेत देती हैं।
अफगानिस्तान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंदूकुश क्षेत्र में मंगलवार को 5.1 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे राजधानी काबुल सहित आसपास के इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए। यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) ने इस भूकंप की पुष्टि की, जिसका केंद्र पृथ्वी की सतह से 244 किलोमीटर (152 मील) की गहराई पर स्थित था। इतनी अधिक गहराई पर भूकंप आने के कारण इसके झटके एक बड़े क्षेत्र में महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण एशिया का यह हिस्सा लगातार भूकंपीय गतिविधियों का सामना कर रहा है। पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी मंगलवार को ही 3.8 तीव्रता का एक अन्य भूकंप दर्ज किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के अनुसार, यह इस सप्ताह पाकिस्तान में आया तीसरा भूकंप था। इससे पहले सोमवार को 4.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जबकि शनिवार और रविवार को भी 4.0 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे। मंगलवार तड़के अफगानिस्तान में 4.3 तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया, जो इस क्षेत्र की भूगर्भीय अस्थिरता को रेखांकित करता है।
हिंदूकुश क्षेत्र अपनी जटिल भूगर्भीय संरचना के कारण दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है। यूरेशियन और भारतीय टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु पर स्थित होने के कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। हाल की ये घटनाएं इस बात की याद दिलाती हैं कि इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को हमेशा भूकंप के खतरों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।
Source: Jagran
