धर्मेंद्र को भोजपुरी सिनेमा का भी था गहरा नाता, पवन सिंह ने याद की सीख
हिंदी सिनेमा के महानायक धर्मेंद्र, जिन्होंने अपने अभिनय से कई दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया, उनका भोजपुरी सिनेमा से भी गहरा जुड़ाव रहा। वर्ष 2013 में आई भोजपुरी फिल्म ‘देश परदेश’ से उन्होंने भोजपुरी सिनेमा में अपनी शुरुआत की थी, जिसमें उन्होंने भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के पिता का अहम किरदार निभाया था। यह फिल्म भोजपुरी बॉक्स ऑफिस पर बेहद सफल साबित हुई थी।
धर्मेंद्र की भोजपुरी फिल्मों में उपस्थिति यह दर्शाती है कि वे केवल हिंदी भाषा की सीमाओं तक सीमित नहीं थे, बल्कि उन्होंने भोजपुरी क्षेत्र की भावनाओं, संस्कृति और दर्शकों से भी खुद को जोड़ा। सोमवार को उनके निधन की खबर मिलते ही भोजपुरी सिनेमा के कई दिग्गज कलाकारों ने उन्हें भावुक होकर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साथ बिताए पलों को याद किया।
पावर स्टार पवन सिंह ने ‘देश परदेश’ की शूटिंग के दौरान धर्मेंद्र जी से मिली एक अनमोल सीख को साझा किया। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उन्होंने लिखा, “पैर जमीन पर टिकाकर रखना, सीना चौड़ा करके चलना, लेकिन सिर झुका होना चाहिए”। पवन सिंह ने बताया कि यह सीख उनके जैसे युवा कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत बनी और भोजपुरी फिल्म सेट पर उन्हें काफी प्रभावित किया। भोजपुरी साहित्य से जुड़े विनय बेलाउर ने कहा कि धर्मेंद्र का जाना सिनेमा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है, क्योंकि वे किसी एक भाषा या क्षेत्र के होकर नहीं रह गए थे।
धर्मेंद्र सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक सच्चे इंसान भी थे। फिल्म निर्माता अजय कुमार सिंह ने उनसे जुड़ी एक घटना साझा करते हुए बताया कि सात दिसंबर 2020 को, कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में, एक फिल्म प्रोजेक्ट के सिलसिले में उनकी मुलाकात धर्मेंद्र जी से हुई थी। प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने धर्मेंद्र जी को 25 लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे, लेकिन कोरोना के कारण शूटिंग रोकनी पड़ी। इसके बाद, धर्मेंद्र जी ने स्वयं फोन करके कहा कि वे अपना कोई व्यक्ति भेज दें और उन्होंने एडवांस की पूरी रकम वापस कर दी। अजय सिंह ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि बॉलीवुड में आजकल इतनी सच्चाई और ईमानदारी दुर्लभ है।
