उत्तरकाशी: जंगल में चारा लेने गई महिला पर भालू का हमला, चरवाहों ने बचाई जान
मोरी, उत्तरकाशी: विकास खंड मोरी के अंतर्गत आने वाले सुदूरवर्ती ओसला गांव से एक दुखद घटना सामने आई है। रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे, ओसला गांव की निवासी सुनीता देवी (30) पत्नी बरफिया लाल, गांव के समीप कुपड़ा तोक के जंगल में पशुओं के लिए चारा पत्ती लेने और अपनी भेड़ों को चराने गई थीं। इसी दौरान एक भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया।
महिला के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर जंगल में भेड़ों को चरा रहे अन्य चरवाहे तुरंत मौके की ओर दौड़े। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए महिला को भालू के चंगुल से बचाया। इस हमले में सुनीता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
तत्काल, परिजनों ने सुनीता को उपचार के लिए मोरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वर्तमान में उनका इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आ गया। उपनिदेशक गोविंद पशु वन्य जीव विहार, निधि सेमवाल ने बताया कि घटना की जानकारी प्राप्त होते ही वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल महिला के परिजनों की सहायता से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने संबंधित रेंज अधिकारी को घायल महिला को तत्काल आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
यह घटना क्षेत्र में जंगली जानवरों, विशेषकर भालुओं के बढ़ते आतंक को एक बार फिर उजागर करती है। इससे पहले भी उत्तरकाशी जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भालू के हमलों की खबरें आती रही हैं, जिनमें लोगों को जान गंवानी पड़ी है या वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय निवासी जंगली जानवरों से अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और वन विभाग से ठोस सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।
