यूपी में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण: गणना फॉर्म घर-घर, BLO बढ़ा रहे अपलोडिंग की रफ्तार
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को गति दी गई है। इस महत्वपूर्ण अभियान के तहत, बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और सूची में त्रुटियों को सुधारा जा सके।
लाखों मतदाताओं के घरों तक गणना फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं और बीएलओ द्वारा इन फॉर्मों को भरवाने तथा संबंधित डेटा को ऑनलाइन सिस्टम पर अपलोड करने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया की कमान जिलाधिकारी स्तर पर संभाली जा रही है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा स्वयं अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि फॉर्म वितरण, संकलन और डेटा अपलोडिंग जैसे सभी चरणों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिले में कुल 19 लाख 92 हजार 459 मतदाताओं के लिए प्रत्येक बूथ पर बीएलओ की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त, सुपरवाइजरों की एक अलग टीम भी सक्रिय है, जिनकी जिम्मेदारी बीएलओ से नियमित रूप से अपडेट लेना और उसे नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाना है, ताकि जिले की प्रगति की जानकारी बनी रहे। इस कार्य के लिए विशेष कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है जो फार्म अपलोडिंग की स्थिति पर निरंतर नजर रख रहे हैं।
अभियान के दौरान यह भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई व्यक्ति दो अलग-अलग स्थानों पर फार्म जमा करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने इस बात पर जोर दिया है कि एसआईआर अभियान में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरती जाएगी।
अभियान को लेकर कुछ मतदाताओं के मन में यह संशय भी है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम न होने पर उनका नाम स्वतः कट जाएगा। प्रशासन ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि 2003 की सूची में नाम न होने से किसी भी पात्र मतदाता का नाम स्वतः नहीं काटा जाएगा। वर्तमान में सभी पात्र मतदाताओं से एसआईआर फार्म भरवाए जा रहे हैं। जिन मतदाताओं का नाम 2003 की सूची में नहीं था, उन्हें केवल फार्म भरकर जमा करना होगा। सूची के अनंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे मतदाताओं को एक नोटिस भेजा जाएगा, जिसके जवाब में उन्हें 13 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।
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