पाइल्स की समस्या क्यों बढ़ रही है? एम्स के डॉक्टर ने बताई वजह और बचाव के उपाय
आचार्य सुश्रुत ने अर्श (पाइल्स) को आठ महारोगों में गिना है, जिसका अर्थ है कि इसके उपचार में काफी कठिनाई होती है। आजकल जीवनशैली में आए बदलावों के कारण पाइल्स की समस्या आम होती जा रही है। दिल्ली एम्स के चिकित्सकों ने इस बढ़ती समस्या के मूल कारणों पर प्रकाश डाला है।
शल्य तंत्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. डॉ. योगेश बडवे ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली, जिसमें लगातार बैठे रहना, गलत खान-पान, और कब्ज की समस्या शामिल है, पाइल्स के पनपने का मुख्य कारण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बवासीर एक ऐसी आम समस्या है जिससे लगभग 80 प्रतिशत लोग जीवन में कभी न कभी किसी न किसी रूप में प्रभावित होते हैं। हालांकि, लोग अक्सर शर्म या झिझक के कारण इस समस्या को अनदेखा कर देते हैं, जिसके कारण यह गंभीर रूप ले सकती है।
डॉक्टरों के अनुसार, फाइबर युक्त भोजन की कमी, पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना, और शारीरिक गतिविधि की कमी भी पाइल्स के मुख्य कारण हैं। तनाव भी इस समस्या को बढ़ा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एम्स आयुर्वेद में एक तीन दिवसीय कार्यशाला का भी आयोजन किया गया था, जिसका हाल ही में समापन हुआ।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि पाइल्स के लक्षण दिखने पर तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय रहते उचित उपचार लेने पर इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने आधुनिक उपचार विधियों, जैसे लेजर तकनीक, की ओर भी इशारा किया, जो बवासीर के इलाज को सुरक्षित, कम दर्दनाक और लगभग बिना टांके का बना देती है। एम्स आयुर्वेद में पुरातन से लेकर आधुनिक तकनीक तक, सभी प्रकार की उपचार व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। यह महत्वपूर्ण है कि लोग इस समस्या को गंभीरता से लें और इसके उपचार में संकोच न करें।
