कांग्रेस और डीएमके तमिलनाडु में मिलकर लड़ेंगे 2026 का विधानसभा चुनाव
कांग्रेस पार्टी ने 2026 में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। इस महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम के तहत, पार्टी ने सीट बंटवारे की औपचारिक बातचीत शुरू करने के लिए पांच सदस्यीय एक समिति का गठन किया है। इस घोषणा से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस, डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा बनी रहेगी और राज्य में मिलकर चुनाव लड़ेगी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने पार्टी के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम गठबंधन के संबंध में चल रही अनावश्यक अफवाहों पर विराम लगाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह समिति राज्य में गठबंधन की मजबूती और एकता को दर्शाएगी, जो आगामी चुनावों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
पार्टी द्वारा गठित इस पांच सदस्यीय समिति का नेतृत्व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के तमिलनाडु और पुडुचेरी के प्रभारी गिरीश चोडानकर करेंगे। समिति के अन्य सदस्यों में प्रमुख पार्टी नेता सूरज हेगड़े और निवेदित अल्वा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई और कांग्रेस विधायक दल के नेता एस. राजेशकुमार को भी इस समिति में स्थान दिया गया है।
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह नवगठित समिति जल्द ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके के अध्यक्ष एम. के. स्टालिन से मुलाकात करेगी। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन की रणनीति और सीटों के बंटवारे पर औपचारिक चर्चा शुरू करना होगा। यह कदम राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण गठबंधन की ओर इशारा करता है।
