नीतीश मिश्रा को मंत्रिमंडल में जगह नहीं, जदयू ने बताई वजह, सोशल मीडिया पर जताई चिंता
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बने नए मंत्रिमंडल में मधुबनी जिले के झंझारपुर से विधायक नीतीश मिश्रा को जगह नहीं मिल पाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म थीं। खासकर सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे, जिससे एनडीए के सहयोगियों के बीच किसी अनबन की ओर इशारा किया जा रहा था। इन अटकलों पर अब जदयू ने अपनी ओर से स्पष्टीकरण जारी कर दिया है।
जदयू जिलाध्यक्ष फूले भंडारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस पूरे प्रकरण पर पार्टी का रुख साफ किया। उन्होंने स्वीकार किया कि झंझारपुर के विधायक नीतीश मिश्रा और शीला मंडल जैसे नेताओं को मंत्री पद न मिल पाना निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र से विधायक का मंत्री बनना उस क्षेत्र के विकास और जनता की अपेक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण होता है। जदयू की भी इच्छा थी कि झंझारपुर को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिले, लेकिन निर्धारित कोटे के कारण यह संभव नहीं हो सका।
भंडारी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि भाजपा कोटे से मंत्री चुनने का निर्णय पूरी तरह से भाजपा संगठन का आंतरिक मामला है और इसमें जदयू का कोई हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने नीतीश मिश्रा को एक सक्षम और लोकप्रिय विधायक बताते हुए कहा कि उनका मंत्री पद से बाहर रहना निश्चित रूप से निराशाजनक है, लेकिन यह भाजपा का फैसला है।
जदयू जिलाध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर पार्टी नेताओं को निशाना बनाते हुए की जा रही तथ्यहीन टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भ्रामक पोस्ट कर एनडीए की एकजुटता को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे व्यवहार से गठबंधन की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और जनता के बीच भ्रम फैलता है। उन्होंने अपील की कि सोशल मीडिया पर संवाद मर्यादित और तथ्यपरक होना चाहिए, ताकि गठबंधन की एकता बनी रहे।
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