बिहार के 2459 मदरसों को अनुदान की नई शर्त, शिक्षा विभाग का निर्देश जारी
पटना। बिहार सरकार ने राज्य के 2459 अराजकीय प्रस्वीकृत मदरसों को अनुदान देने के लिए नई शर्तों को लागू किया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब इन मदरसों को अनुदान प्राप्त करने के लिए निर्धारित मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा। बिहार राज्य मदरसा सुदृढ़ीकरण योजना के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और उन्हें आवश्यक सुविधाएं व बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है।
यह नई व्यवस्था पटना उच्च न्यायालय के 24 जनवरी 2024 के आदेश के आलोक में की गई है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, शिक्षा विभाग ने संबंधित मदरसों की स्थलीय जांच के लिए जिला स्तरीय त्रिस्तरीय समिति का गठन किया था। इस समिति की जांच रिपोर्टों की समीक्षा शिक्षा विभाग की गठित कमेटी द्वारा बिहार चुनाव से पहले की गई थी।
जांच के दौरान, निर्धारित मानक पूरा नहीं करने वाले 124 मदरसों की प्रस्वीकृति रद्द कर दी गई थी। इन मदरसों से आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। प्राप्त कागजातों की गहन जांच के बाद, केवल 17 मदरसों को ही अर्हता पूरी करने में सक्षम पाया गया, जिन्हें अनुदान देने की स्वीकृति दी गई है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अराजकीय प्रस्वीकृत मदरसों को तभी अनुदान की अनुमति दी जाएगी जब वे आवश्यक अर्हता पूरी करेंगे। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा के विशेष निदेशक सचिंद्र कुमार ने मधुबनी, भागलपुर, किशनगंज, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर और शिवहर जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। यह कदम राज्य में मदरसा शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने और उसे मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
