उत्तराखंड में वन्यजीव हमलों पर सरकार सख्त, वन मंत्री ने दिए कड़े निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में भालू और गुलदार के बढ़ते हमलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। चमोली सहित राज्य के कई जिलों से आ रही ऐसी घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने विभागीय अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोपरि प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वन मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में वन कर्मियों की गश्त व्यवस्था को और अधिक मजबूत और नियमित किया जाए। साथ ही, जिन इलाकों को संवेदनशील या अति-जोखिम वाला घोषित किया गया है, वहां वन कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि वन्यजीवों के हमलों को रोका जा सके।
पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए वन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस गंभीर समस्या के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील है और स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानव पर हमला करने वाले भालू, गुलदार और अन्य हिंसक वन्यजीवों की तत्काल पहचान की जाए और उन्हें नियमानुसार चिह्नित कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नागरिकों की सुरक्षा को और पुख्ता बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं सहायता पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है।
वन विभाग के आधुनिकीकरण पर भी ध्यान केंद्रित करते हुए, वन मंत्री ने कैंपा मद से 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को निर्देश दिया है कि आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए आवश्यक मांग प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करें, ताकि वन विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाया जा सके।
