सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर फोरलेन को हरी झंडी, 2400 करोड़ से बदलेगी यात्रा की रफ्तार
केंद्र सरकार ने सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर के बीच महत्वपूर्ण फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 2400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाना और नेपाल तक यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है। इस मंजूरी से स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर है, जो इसे विकास का शुभ संकेत मान रहे हैं।
वर्तमान में मुजफ्फरपुर-सोनबरसा राष्ट्रीय राजमार्ग 22 टू-लेन में संचालित है। इस सड़क को फोरलेन में बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। परियोजना के तहत करीब 80 किलोमीटर लंबी इस सड़क का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए सर्वे और सीमांकन का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। सड़क चौड़ीकरण की स्वीकृति मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। विभाग द्वारा सर्वे और मापी कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
इस फोरलेन सड़क के निर्माण से मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, रीगा होते हुए सोनबरसा और नेपाल सीमा तक का सड़क यातायात काफी सुदृढ़ होगा। यह परियोजना भारत-नेपाल कनेक्टिविटी के लिहाज से विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केंद्र सरकार इस मार्ग को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख कड़ी के रूप में विकसित करना चाहती है। फोरलेन सड़क बनने से न केवल यात्रियों के समय की बचत होगी, बल्कि माल ढुलाई की लागत और समय में भी कमी आएगी, जिससे स्थानीय व्यापार और उद्योगों को नई गति मिलेगी।
परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचएआई) के अनुसार, यह कार्य पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत किया जा रहा है। अतिक्रमण वाले स्थानों की पहचान कर तस्वीरें जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई हैं, ताकि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को तेजी से पूरा किया जा सके। जिलाधिकारियों को विस्तृत पत्र भेजकर पूरी स्थिति से अवगत कराया गया है।
इस परियोजना के पूरा होने से सीतामढ़ी से नेपाल तक की यात्रा न केवल तेज होगी, बल्कि अधिक सुरक्षित और आरामदायक भी हो जाएगी। बेहतर सड़क संपर्क से स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और उद्योग जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुधार होगा, जो अंततः जिले के समग्र विकास की गति को बढ़ाएगा।
