बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: दोपहिया वाहनों पर हेलमेट अब अनिवार्य, कर्नाटक हाईकोर्ट का अहम निर्देश
सड़क सुरक्षा के मद्देनजर कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोपहिया वाहनों पर बच्चों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया है। न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह विशेष रूप से बच्चों के लिए डिज़ाइन किए गए चाइल्ड साइज हेलमेट और सुरक्षा हार्नेस की उपलब्धता सुनिश्चित करे।
यह महत्वपूर्ण आदेश एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आया है। याचिका में इस बात पर जोर दिया गया था कि भले ही कानून के तहत सभी दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वालों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है, लेकिन बाजार में बच्चों के लिए सही आकार के हेलमेट की उपलब्धता बेहद कम है। इस कमी के चलते बच्चे अक्सर बिना हेलमेट या बड़े, ढीले-ढाले हेलमेट पहनकर सफर करते हैं, जो उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं करते और दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोटों का खतरा बढ़ा देते हैं।
अदालत के इस निर्देश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न सरकारी विभागों, वाहन निर्माता कंपनियों और खुदरा विक्रेताओं को मिलकर काम करना होगा। उम्मीद है कि इससे दुकानों में बच्चों के लिए उपयुक्त हेलमेट का स्टॉक बढ़ाया जाएगा। साथ ही, यातायात पुलिस को नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी बच्चा असुरक्षित यात्रा न करे।
अदालत ने अपने फैसले में ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और यूरोपीय देशों जैसे देशों का उदाहरण भी दिया, जहाँ बच्चों के लिए हेलमेट संबंधी कानून पहले से लागू हैं। इन देशों के अनुभव बताते हैं कि कड़े नियम और सुरक्षा उपकरणों की सुलभ उपलब्धता से सड़क दुर्घटनाओं में बच्चों की सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह निर्देश भारत में भी सड़क सुरक्षा के मानकों को ऊंचा उठाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है, जिससे अनमोल जीवन की रक्षा हो सके।
