ब्रज की पौराणिक महत्ता पर बनेगा आगामी विकास प्लान: अमृत अभिजात
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सभागार में गुरुवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में, परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र और पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण और ब्रज तीर्थ विकास परिषद के प्रगतिशील कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य ब्रज क्षेत्र के विकास को उसकी समृद्ध पौराणिक और सांस्कृतिक धरोहर के अनुरूप ढालना रहा।
प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने समीक्षा के दौरान सभी कार्यों को ब्रज की अनूठी थीम के अनुसार विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आगामी योजनाओं का खाका तैयार करते समय ब्रज की पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए। प्रगतिशील विकास कार्यों में हो रहे विलंब पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
बैठक में पर्यटकों की सुविधाओं को बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि पर्यटकों के लिए बनाए जा रहे सुविधा केंद्रों का कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाए। साथ ही, ब्रज के ऐतिहासिक कुंडों को और अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में कदम उठाने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, नगर आयुक्त को बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को यातायात प्रबंधन में सुधार लाने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम अनुभव मिल सके।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल ने परिषद के अंतर्गत चल रही प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी दी। इनमें कोसीकलां के पास कोकिलावन शनिधाम में परिक्रमा मार्ग का निर्माण, टॉयलेट ब्लॉक और सोलर प्लांट की स्थापना, कोकिलावन परिक्रमा मार्ग में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाना, मथुरा एवं वृंदावन के बीच प्रेक्षागृह/ऑडिटोरियम का निर्माण, सुनरख खादर में सौभरि नगर वन स्थापना फेज-2, और ग्राम करहला स्थित बज्रनाभ की समाधि का पुनरोद्धार एवं सौंदर्यीकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, परिषद के तीन अनारंभ कार्यों में मथुरा में यमुना नदी के घाटों का विकास, वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरा, पीए सिस्टम और आईटीएमएस की स्थापना, तथा छाता तहसील में कोकिला वन में आर्द्र भूमि पर ईको पर्यटन स्थल का विकास कार्य प्रमुख हैं।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने वृंदावन परिक्रमा मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुदृढ़ बनाने के सुझाव दिए। उन्होंने परिक्रमा मार्ग में सभी तारों को व्यवस्थित करने, नालों को ढकने, पोल हटाने और सड़कों व डिवाइडर को एकरूप बनाने की बात कही।
बैठक में श्रद्धालुओं के डेटा संग्रह पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने निर्देश दिए कि वृंदावन पर्यटक सुविधा केंद्रों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या, उनकी आयु, आने का महीना, सप्ताह, और आयोजनों के अनुसार डेटा तैयार किया जाए। यह जानकारी भविष्य की योजना बनाने और सुविधाओं को बेहतर ढंग से लक्षित करने में सहायक होगी।
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