यूपी में 12 वर्षीय बच्चे के पैर का कैंसर डिस्ट्रेक्शन ओस्टियोजेनेसिस तकनीक से हुआ सफल इलाज
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक्स विभाग ने एक 12 वर्षीय बच्चे के पैर की हड्डी में पनपे कैंसर को सफलतापूर्वक समाप्त कर दिया है। बच्चे को पैर में ट्यूमर के कारण चलने में काफी दिक्कत हो रही थी। जांच के बाद पता चला कि यह ईविंग्स सारकोमा नामक एक प्रकार का कैंसर है।
शुरुआत में, बच्चे को मेडिकल आंकोलाजी विभाग में रेफर किया गया, जहां कीमोथेरेपी के माध्यम से ट्यूमर को सिकोड़ने का प्रयास किया गया। कीमोथेरेपी के सफल परिणाम के बाद, डॉक्टरों ने सर्जरी का निर्णय लिया। विशेषज्ञों ने बच्चे के पैर की हड्डी से ट्यूमर को सावधानीपूर्वक हटाया।
सर्जरी के दौरान एक महत्वपूर्ण चुनौती यह थी कि प्रभावित पैर की लंबाई सामान्य रहे ताकि दोनों पैरों में असमानता न हो। इस समस्या के समाधान के लिए, डॉक्टरों ने ‘डिस्ट्रेक्शन ओस्टियोजेनेसिस’ नामक एक उन्नत तकनीक का प्रयोग किया। इस तकनीक में, हड्डी को काटकर एक विशेष उपकरण की मदद से धीरे-धीरे अलग किया जाता है, जिससे दो टुकड़ों के बीच नई हड्डी का निर्माण होता है और लंबाई बढ़ती है। विभागाध्यक्ष डॉ. विकास वर्मा के अनुसार, यह तकनीक हाथ-पैर की हड्डियों को लंबा करने में अत्यंत प्रभावी है।
इस जटिल और सफल ऑपरेशन के बाद, बच्चे की सेहत में काफी सुधार हुआ है। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि बच्चा अब कैंसर मुक्त है और अगले सप्ताह तक उसे अस्पताल से छुट्टी मिलने की पूरी संभावना है। यह मामला आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से गंभीर बीमारियों के सफल उपचार का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
