2026 में राहु-केतु का राशि परिवर्तन: इन राशियों के खुलेंगे भाग्य के द्वार
ज्योतिष गणना के अनुसार, नव वर्ष 2026 कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आने वाला है। इस वर्ष ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ-साथ, ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले मायावी ग्रह राहु और केतु भी अपना स्थान बदलेंगे। यह परिवर्तन कई जातकों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी हो सकता है, वहीं कुछ को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
ज्योतिषियों के अनुसार, वर्तमान में राहु कुंभ राशि में विराजमान हैं और वे एक राशि में लगभग डेढ़ वर्ष तक रहते हैं। इसके बाद वे वक्री चाल चलकर राशि परिवर्तन करते हैं। इसी क्रम में, 5 दिसंबर 2026 को देर रात 10 बजकर 33 मिनट पर राहु कुंभ राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर करेंगे। राहु का यह परिवर्तन कुंभ राशि के जातकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आएगा, क्योंकि उन्हें इस मायावी ग्रह के प्रभाव से मुक्ति मिलेगी।
ठीक इसी तरह, केतु भी राहु के समान ही एक राशि में डेढ़ वर्ष तक रहते हैं और फिर वक्री चाल चलकर राशि बदलते हैं। वर्तमान में केतु सिंह राशि में विराजमान हैं। 5 दिसंबर 2026 को ही केतु भी सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। केतु का यह गोचर सिंह राशि के जातकों को भी राहत प्रदान करेगा। वहीं, अन्य राशि के जातकों के जीवन पर इन ग्रहों के राशि परिवर्तन का प्रभाव उनकी कुंडली में ग्रहों की वर्तमान स्थिति और भावों के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकता है।
राहु और केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह माना जाता है और इनके राशि परिवर्तन का प्रभाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। ऐसा माना जाता है कि इन ग्रहों की चाल व्यक्ति के जीवन में अप्रत्याशित मोड़ ला सकती है। 2026 में होने वाला यह दोहरा राशि परिवर्तन कई राशियों के लिए भाग्य के नए द्वार खोल सकता है, जिससे उन्हें करियर, धन, स्वास्थ्य और संबंधों के क्षेत्र में उन्नति देखने को मिल सकती है। हालांकि, कुछ राशियों को इस दौरान धैर्य बनाए रखने और सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी गई है।
