केरल: मां-सौतेले पिता पर बेटे को ISIS में शामिल होने के लिए उकसाने का आरोप
केरल से एक अत्यंत चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां एक 16 वर्षीय किशोर को कथित तौर पर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) में शामिल होने के लिए उकसाने के आरोप में उसकी मां और सौतेले पिता के खिलाफ गंभीर आरोप लगे हैं। यह घटना राज्य में आतंकी गतिविधियों को लेकर नई चिंताएं पैदा करती है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि किशोर का सौतेला पिता, अंसार असलम, वर्ष 2016 में केरल और तमिलनाडु में हुए आतंकवादी हमलों की साजिश रचने के आरोपी सिद्धिकी असलम का भाई है। सिद्धिकी असलम को इस मामले में दोषी ठहराया गया था और उसे तीन साल की सजा सुनाई गई थी। उसे इंटरपोल की मदद से सऊदी अरब से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था, जहां दिल्ली हवाई अड्डे पर उसे गिरफ्तार किया गया था।
यह भी पता चला है कि अंसार असलम वर्ष 2016 में जांच एजेंसियों के निशाने पर आया था, जब उसके भाई सिद्धिकी असलम के मामले की जांच चल रही थी। उस समय अंसार असलम कथित तौर पर यूक्रेन में था और बाद में यूनाइटेड किंगडम चला गया था। केरल के एक धार्मिक स्टडी सेंटर में ISIS से जुड़ी गतिविधियों से बचने के बाद, वह अपने असली पिता के रिश्तेदारों के साथ रहने लगा था।
रिपोर्टों से यह भी संकेत मिलता है कि किशोर की मां ने अंसार असलम से दूसरी शादी करने के बाद इस्लाम धर्म अपना लिया था। यह पूरा मामला उस गंभीर खतरे की ओर इशारा करता है, जहां युवा पीढ़ी को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर धकेला जा रहा है।
वर्ष 2016 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कन्नूर के कनकमाला में ‘अंसार-उल-खिलाफा’ नामक एक केरल-आधारित समूह का पर्दाफाश किया था। इस समूह पर केरल और पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में हमले की योजना बनाने का आरोप था। इस मामले में कई गिरफ्तारियां हुई थीं और NIA की चार्जशीट में कुल आठ लोगों के नाम शामिल थे।
इस नए मामले की गंभीरता को देखते हुए, केरल पुलिस ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से इस मामले की जांच अपने हाथ में लेने का आग्रह किया है, ताकि आतंकी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह घटना राज्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती है।
