मध्य प्रदेश: SIR सर्वे पर पथराव, नायब तहसीलदार और बीएलओ घायल
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य का निरीक्षण करने पहुंची एक प्रशासनिक टीम पर कुछ लोगों ने अचानक पथराव कर दिया। जुलवानिया पंचायत के अदरशिला गांव में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में नायब तहसीलदार रामकलेश साकेत और बीएलओ (मतदान केंद्र अधिकारी) विक्रम सिंह राठौड़ गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही अपर जिला मजिस्ट्रेट शालिनी श्रीवास्तव और अपर पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और मामले की विस्तृत जानकारी ली। रावटी थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो आरोपियों, सायसिंह गामड़ (निवासी सायसिंह गामड़) और बापू ताड़ (55 वर्षीय, निवासी ढोल फंटा), को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, एक अन्य आरोपी चौकसिंह गामड़ अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश जारी है।
सूत्रों के अनुसार, ग्राम बासिन्द्रा के पटवारी बाबूलाल मुनिया भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 12 बजे शिवगढ़ के नायब तहसीलदार रामकलेश साकेत, बीएलओ विक्रम सिंह राठौड़ और सहायिका नीमा अदरशिला गांव पहुंचे थे। बीएलओ राठौड़ ने शिक्षक लाभचंद रेगर को भी सहायता के लिए बुला लिया था। करीब 12:30 बजे, जब टीम नहर के पास थी, तभी तीन आरोपी बाइक से वहां पहुंचे और उनका रास्ता रोक लिया।
आरोपियों ने टीम के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो चौकसिंह और बापू ताड़ ने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान, एक आरोपी ने लगभग 30 किलो वजनी पत्थर उठाकर नायब तहसीलदार पर फेंकने का प्रयास किया, लेकिन बीएलओ विक्रम सिंह राठौड़ ने सूझबूझ दिखाते हुए नायब तहसीलदार को धक्का देकर बचा लिया। इस धक्का-मुक्की और हमले में विक्रम राठौड़ के हाथ और कमर में चोटें आईं। किसी तरह जान बचाकर अधिकारी मौके से भागे।
सैलाना के एसडीएम तरुण कुमार जैन ने इस घटना की निंदा करते हुए बताया कि तीन शरारती तत्वों ने बिना किसी स्पष्ट कारण के इस तरह का हमला किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
