बस्ती में रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर सख्त कार्रवाई, मैरिज हॉल संचालकों को चेतावनी
बस्ती में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और नागरिकों को राहत देने के लिए पुलिस प्रशासन ने देर रात मैरिज हॉल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर डीजे बजाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार, यह कदम उच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में उठाया गया है, जिसके तहत रात 10 बजे के बाद ध्वनि उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है।
पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन ने सभी मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल और सामुदायिक भवन के संचालकों को निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में रात 10 बजे के बाद डीजे या किसी भी प्रकार का उच्च-ध्वनि वाला म्यूजिक सिस्टम न बजाया जाए। नियम का उल्लंघन करने पर, न केवल कार्यक्रम के आयोजक बल्कि मैरिज हॉल के संचालक को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि उल्लंघन पाए जाने पर डीजे उपकरण जब्त कर लिए जाएंगे। बार-बार उल्लंघन करने पर मैरिज हॉल के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हाल ही में, शादी-विवाह के मौसम की शुरुआत के साथ, रिहायशी इलाकों से देर रात तक डीजे की तेज आवाज को लेकर कई शिकायतें मिली थीं, जिससे बुजुर्गों, छात्रों और बीमार व्यक्तियों को काफी असुविधा हुई थी।
पुलिस प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है। सीओ सिटी को त्वरित कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों और संबंधित बीट अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मैरिज हॉल की निगरानी बढ़ाने और रात 10 बजे के बाद किसी भी प्रकार के ध्वनि प्रदूषण की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
एसपी ने जिले के निवासियों और मैरिज हॉल संचालकों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और दूसरों की शांति भंग न करें। उन्होंने कहा कि खुशी के मौकों पर उत्सव मनाना सबका अधिकार है, लेकिन यह किसी और की शांति और स्वास्थ्य की कीमत पर नहीं होना चाहिए। रात 10 बजे के बाद ध्वनि प्रदूषण का कोई भी मामला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस संबंध में जीरो टालरेंस नीति अपनाई जाएगी।
नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए, पुलिस ने कहा है कि यदि कोई रात 10 बजे के बाद ध्वनि प्रदूषण देखता है, तो वे तत्काल पुलिस नियंत्रण कक्ष, यूपी 112 की पीआरवी या संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस का यह कदम शहर और कस्बों को ध्वनि प्रदूषण मुक्त बनाने और उच्च न्यायालय के आदेशों का सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
