सीएम योगी ने फार्मर रजिस्ट्री की सराहना की, हर समिति पर एक सचिव की तैनाती का निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बस्ती मंडल में आयोजित एक बैठक के दौरान फार्मर रजिस्ट्री की उल्लेखनीय सफलता की सराहना की। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक सहकारी समिति पर केवल एक सचिव की ही तैनाती की जाए, ताकि योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने तकनीक के अधिकाधिक उपयोग पर भी जोर दिया, जिससे किसानों को सीधी मदद मिल सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बस्ती मंडल मुख्यालय है, इसलिए यहां विकास की संस्कृति को बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने शहर की सभी सड़कों को ठीक कराने, खराब सड़कों के पुनर्निर्माण और पर्याप्त पार्किंग स्थलों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। मल्टी-लेवल पार्किंग की भी व्यवस्था करने की बात कही गई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ठेला-खोमचा व पटरी दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनाने का भी आदेश दिया, ताकि शहरी बाजार को एक नई पहचान मिल सके।
किसानों को खाद-बीज के वितरण में आ रही समस्याओं पर मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि एक सचिव की तैनाती केवल एक ही सहकारी समिति पर हो और मंडलायुक्त इसे सुनिश्चित करें। इस संबंध में, भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी उर्वरक-बीज वितरण में एक सचिव को दो-तीन केंद्र आवंटित होने से किसानों को होने वाली परेशानी की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया था।
जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि फार्मर रजिस्ट्री में बस्ती जनपद प्रदेश में अव्वल रहा है। इसके साथ ही, इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम (IGRS) पर दर्ज मामलों के निस्तारण में भी जनपद की स्थिति प्रदेश में सबसे बेहतर रही है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशंसा की और ऐसे ही उत्कृष्ट कार्य जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने उर्वरक-बीज की कालाबाजारी रोकने के लिए आयुक्त अखिलेश सिंह को बस्ती, संतकबीर नगर और सिद्धार्थनगर जिलों में इसकी सघन जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गन्ना क्रय केंद्रों की नियमित निगरानी करने का भी आदेश दिया।
सुरक्षा व्यवस्था और भूमि विवाद के मामलों पर मुख्यमंत्री ने डीआईजी संजीव त्यागी और एसपी अभिनन्दन से कहा कि वे राजस्व विभाग के साथ मिलकर भूमि विवादों का निपटारा करें ताकि वाद-विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत, उन्होंने फर्जी और मृत मतदाताओं के नामों को मतदाता सूची से हटाने के निर्देश दिए, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता बनी रहे।
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने डुमरियागंज के सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक अजय सिंह, विधायक दूधनाथ, पूर्व विधायकों और अन्य स्थानीय जन प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर उनकी जनसमस्याओं के बारे में जानकारी ली।
