दिल्ली के शेल्टर होम: गर्म पानी नहीं, टूटी खिड़कियाँ, सर्द रातों में ठिठुरते बेघर
दिल्ली में कड़ाके की ठंड के बीच आश्रय गृहों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। रोहिणी, मंगोलपुरी और सुल्तानपुरी जैसे इलाकों में स्थित कई शेल्टर होम में गर्म पानी की घोर कमी है, जिससे बेघर और जरूरतमंद लोगों को ठंडे पानी से नहाना पड़ रहा है। तापमान में लगातार गिरावट के साथ, यह स्थिति बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
बाहरी दिल्ली के विभिन्न आश्रय गृहों के निरीक्षण में कई गंभीर खामियां पाई गईं। रोहिणी के सेक्टर 3 में स्थित एक शेल्टर होम में 14 पुरुष रह रहे थे, जिनमें दो वरिष्ठ नागरिक शामिल थे। निवासियों ने बताया कि गीजर खराब होने के कारण गर्म पानी उपलब्ध नहीं है और टूटी खिड़कियों से आने वाली ठंडी हवाएँ परेशानी का सबब बन रही हैं। हालांकि, बिस्तरों की पर्याप्त संख्या राहत की बात रही।
एक अन्य शेल्टर होम में, जहां 18 महिलाएं रह रही हैं, उनमें चार बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हैं। यहां पिछले एक साल से गीजर खराब है और गर्म पानी की कोई सुविधा नहीं है। इसके अतिरिक्त, परिसर में कुर्सियों की भी कमी पाई गई। मंगोलपुरी के शेल्टर होम नंबर 9 और 67 में भी प्रबंधन की कमी दिखी, जहां 50 से अधिक लोग रात बिताते हैं, लेकिन गर्म पानी की व्यवस्था नदारद है।
शेल्टर होम नंबर 67 की दो खिड़कियाँ टूटी हुई हैं और वाटर कूलर भी खराब स्थिति में है। हालांकि, एक शेल्टर होम के केयरटेकर ने जल्द ही गीजर लगवाने और गर्म पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। सुल्तानपुरी स्थित एक शेल्टर होम में पुरुषों की संख्या अधिक होने के बावजूद बिस्तरों की संख्या अपर्याप्त है, जिससे गद्दों और अन्य सामग्री का उपयोग कर व्यवस्था की जाती है।
निवासियों की मानें तो गर्म पानी की कमी के कारण उन्हें अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। रोहिणी के एक निवासी, जिनकी उम्र लगभग 60 वर्ष है, ने बताया, ‘मैं यहाँ दो साल से रह रहा हूँ और मेरी उम्र लगभग 60 साल है। यहाँ गर्म पानी नहीं है। मुझे मजबूरन ठंडे पानी से नहाना पड़ता है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, ठंडे पानी से नहाना भी नामुमकिन हो जाएगा। पिछले दो महीनों से यहाँ कोई चिकित्सा सुविधा नहीं है, जिससे हमें कई किलोमीटर दूर अस्पताल जाना पड़ रहा है।’
इसी तरह, रोहिणी के एक अन्य निवासी रईस खान (65 वर्ष) ने कहा, ‘मैं यहाँ दो-तीन साल से रह रहा हूँ और मेरी उम्र लगभग 65 साल है। गीज़र खराब होने की वजह से हमारे पास गर्म पानी नहीं है। हम सबमर्सिबल के पानी से नहाते हैं। लेकिन जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, हमारी परेशानियाँ भी बढ़ेंगी।’ सुल्तानपुरी के खेमचंद (66 वर्ष) ने भी गर्म पानी की व्यवस्था न होने पर यहां रहने में मुश्किल बताई।
संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं से अवगत करा दिया गया है और उम्मीद है कि जल्द ही इन आश्रय गृहों में आवश्यक सुधार किए जाएंगे ताकि ठंड के मौसम में जरूरतमंदों को थोड़ी राहत मिल सके।
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