त्योहारी भीड़ का असर: ट्रेनों में नो रूम, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
त्योहारी सीजन के समापन के साथ ही देश भर में सैर-सपाटे और धार्मिक यात्राओं का दौर शुरू हो गया है, जिसका सीधा असर ट्रेनों की भीड़ पर दिख रहा है। नवंबर के अंत से ही क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए विभिन्न पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट दिखाई दे रही है। राजस्थान के रेगिस्तान से लेकर गुजरात के कच्छ और गोवा के समुद्री तटों तक, हर जगह यात्रियों की बेताबी साफ झलक रही है।
इसके अतिरिक्त, जनवरी के पहले सप्ताह से शुरू होने वाले धार्मिक आयोजनों ने भी ट्रेनों में भीड़ को और बढ़ा दिया है। तीन जनवरी से प्रयागराज में शुरू होने वाले माघ मेले के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मध्य फरवरी तक पुण्य स्नान की कई महत्वपूर्ण तिथियां हैं, जिनके लिए अग्रिम आरक्षण शुरू होते ही पहले दिन ही प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों की सीटें फुल हो जा रही हैं। अधिकांश ट्रेनों में अब आरएसी या गिनती की सीटें ही शेष बची हैं।
धनबाद से होकर गोवा जाने वाली जसीडीह-वास्को द गामा एक्सप्रेस 12 जनवरी तक पूरी तरह से आरक्षित हो चुकी है। इस ट्रेन में स्लीपर से लेकर वातानुकूलित (एसी) श्रेणियों तक में कोई भी सीट उपलब्ध नहीं है। इसी तरह, गुजरात की ओर जाने वाली मालदा टाउन-सूरत, हावड़ा-गांधीधाम और आसनसोल-भावनगर टर्मिनस पारसनाथ एक्सप्रेस ट्रेनों की स्थिति भी लगभग ऐसी ही है।
दक्षिण भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों की स्थिति भी चिंताजनक है। धनबाद से कोयंबटूर के बीच चलने वाली साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के फेरों को बढ़ाने की घोषणा नवंबर में ही की गई थी, लेकिन बुकिंग शुरू होने के तुरंत बाद ही सीटें भर गईं। क्रिसमस और नए साल के दौरान पुरी जाने वाले यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है। धनबाद के निकटवर्ती स्टेशन गोमो से पुरी जाने वाली पुरुषोत्तम, नीलांचल और नंदनकानन एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर से लेकर एसी तक की सभी सीटें ‘नो रूम’ की स्थिति में हैं।
हालांकि, धनबाद-भुवनेश्वर स्पेशल ट्रेन के फेरों को अभी तक नहीं बढ़ाया गया है, जिससे यात्रियों को पुरी तक पहुंचने का एक और विकल्प मिल सकता था। सूत्रों के अनुसार, रेलवे यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कुछ विशेष ट्रेनों के परिचालन पर विचार कर सकता है, लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं और ट्रेनों की उपलब्धता की जानकारी नियमित रूप से जांचते रहें।
