डीएम की चेतावनी के बाद स्कूल ने तुरंत जारी की बच्चे की टीसी
देहरादून में एक अभिभावक को अपने बच्चे की ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) पाने के लिए जिला प्रशासन का सहारा लेना पड़ा। गरीबी के कारण बेटे की फीस जमा करने में असमर्थ एक मां की गुहार पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्वरित कार्रवाई की। जिलाधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को दो दिन के भीतर टीसी जारी करने की चेतावनी दी, जिसके बाद स्कूल ने न केवल टीसी जारी की बल्कि बच्चे की बकाया फीस भी माफ कर दी।
मामला चंदर रोड निवासी नजमा खातून का है, जिन्होंने जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी कि डालनवाला स्थित ब्रूकलीन स्कूल का प्रबंधन उनके बेटे समद अली की टीसी देने में आनाकानी कर रहा है। समद अली ने इसी स्कूल से आठवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और अब नौवीं कक्षा में पढ़ना था। स्कूल की फीस अधिक होने के कारण नजमा खातून अपने बेटे की पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ थीं और उसे दूसरे स्कूल में पढ़ाना चाहती थीं। उन्होंने बताया कि जून से अक्टूबर तक की फीस जमा न करवा पाने के कारण स्कूल प्रबंधन टीसी देने से मना कर रहा था, जिससे बच्चे की पढ़ाई बाधित हो रही थी। नजमा ने यह भी बताया कि उनके पति दिव्यांग हैं और वह फीस भरने की स्थिति में नहीं हैं।
महिला की दयनीय स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि वे दो दिन के भीतर इस मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करें और बच्चे की टीसी जारी करवाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप और सख्त रुख के कारण स्कूल प्रबंधन हरकत में आया। उन्होंने तत्काल बच्चे की फीस माफ करते हुए दो दिन के भीतर टीसी जारी कर दी।
इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा सोमवार को जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई, जिसमें मामले के संतोषजनक समाधान और टीसी जारी होने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी के इस कदम से परेशान अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है और यह सुनिश्चित हुआ है कि किसी भी बच्चे की शिक्षा उसकी आर्थिक स्थिति के कारण बाधित न हो।
