मोबाइल नंबर के दुरुपयोग से 73 वर्षीय बुजुर्ग से 52 लाख की साइबर ठगी
साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला चंडीगढ़ से सामने आया है, जहाँ 73 वर्षीय एक बुजुर्ग को डिजिटल रूप से गिरफ्तार कर 52 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। ठगों ने अत्यंत चालाकी से बुजुर्ग को डराया-धमकाया और उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली।
घटना का खुलासा तब हुआ जब सेक्टर-45 के निवासी शशि कुमार सहाय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सूत्रों के अनुसार, 27 अक्टूबर की शाम को उन्हें एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) का अधिकारी बताया और दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य अवैध गतिविधियों में हो रहा है।
इसके तुरंत बाद, पीड़ित की बात एक ऐसे व्यक्ति से करवाई गई जिसने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इस धमकी के बाद, ठगों ने पीड़ित को 17 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ पर रखा। इस दौरान, उन्हें वीडियो कॉल के माध्यम से फर्जी कोर्ट रूम और ईडी के दफ्तर भी दिखाए गए, जिससे उनका डर और बढ़ गया।
पीड़ित को पूरी तरह से अपने जाल में फंसाने के बाद, ठगों ने उन्हें अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश दिया। डर के मारे, शशि कुमार सहाय ने ठगों द्वारा बताए गए बैंक खातों में कुल 52 लाख रुपये भेज दिए। कुछ समय बाद, जब उन्हें इस ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और अपनी आपबीती सुनाई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर से साइबर सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस तरह के मामले अक्सर उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो तकनीक से कम परिचित होते हैं और जल्दी घबरा जाते हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से ऐसे कॉल्स से सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
